संस्कृत कक्षा 12

हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद अनुवाद। एक भाषा की किसी पंक्ति को किसी अन्य भाषा में परिवर्तित करना ही अनुवाद कहलाता है। जैसे—यदि हम संस्कृत के किसी वाक्य को हिन्दी में परिवर्तित करते हैं तो यह ‘संस्कृत का हिन्दी में अनुवाद’ कहा जाता है। ठीक उसी प्रकार यदि हम हिन्दी के किसी वाक्य को संस्कृत …

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सूक्ति आधारित निबन्ध 1. जहाँ सुमति तहँ सम्पत्ति नाना/ससंगति (2018) प्रस्तावना परमात्मा की सम्पूर्ण सृष्टि में मानव ही श्रेष्ठ माना जाता है, क्योकि मानव विवेकशील, विचारशील तथा चिन्तनशील प्राणी हैं। परमात्मा ने केवल मानव को ही बुद्धि अर्थात् चिन्तन शक्ति प्रदान की है। वह बुरा-भला सभी प्रकार का विचार करने में समर्थ है। समाज में उच्च स्थान …

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साहित्यिक निबन्ध 1. रामचरितमानस की प्रासंगिकता (2018) प्रस्तावना आज हर तरफ मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं परम्पराओं का ह्रास होता जा रहा है। वर्तमान पीढ़ी आज गुणों की अपेक्षा दुर्गुणों को अपनाती जा रही है। आज जन्म देने वाले माता-पिता का सम्मान, अपनी संस्कृति के अनुसार दिन-प्रतिदिन कम होता जा रहा है। इसलिए पुन: रामचरितमानस में वर्णित आदर्शो, …

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सामाजिक निबन्ध 1. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (2018, 16) संकेत बिन्दु प्रस्तावना, अभियान की आवश्यकता, कन्या भ्रूण-हत्या के कारण, अभियान का लक्ष्य, उपसंहार प्रस्तावना “मैं माताओं से पूछना चाहता हूँ कि बेटी नहीं पैदा होगी तो बहू कहाँ से लाओगी? हम जो चाहते हैं समाज भी वही चाहता है। हम चाहते हैं कि बहू. पढ़ी-लिखी मिले लेकिन बेटियों …

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समसामयिक निबन्ध 1. स्वच्छ भारत अभियान (2018) प्रस्तावना यह सर्वविदित है कि 2 अक्टूबर भारतवासियों के लिए कितने महत्त्व का दिवस है। इस दिन हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्म हुआ था। इस युग-पुरुष ने भारत सहित पूरे विश्व को मानवता की नई राह दिखाई। हमारे देश में प्रत्येक वर्ष गाँधी जी का जन्मदिवस एक राष्ट्रीय …

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सन्धि परिभाषा दो शब्दों के पास आने पर पहले शब्द के अन्तिम वर्ण और दूसरे शब्द के प्रथम वर्ण अथवा दोनों में आए विकार अर्थात् परिवर्तन को सन्धि कहते हैं। जैसे- हिम + आलय = हिमालय सत् + जनः = सज्जनः आदि। सन्धि के भेद सन्धि के तीन भेद होते हैं, जो निम्न हैं 1. स्वर …

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संमास परिभाषा जब दो या दो से अधिक शब्द अपने बीच की विभक्ति को छोड़कर आपस में मिल जाएँ तो उसे समास कहते हैं, जैसे- सूर्यस्य उदयः (सूर्य का उदय) से नया शब्द ‘सूर्योदयः’ बनता है, जिसमें षष्ठी विभक्ति लुप्त हो जाती है। शब्दों के ऐसे मेल से जो एक स्वतन्त्र शब्द बनता है उसे …

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शैक्षिक निबन्ध 1. शिक्षा और छात्र राजनीति (2016) संकेत विन्दु भूमिका, शिक्षा और राजनैतिक गतिविधियाँ, शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक विचारधारा, उपसंहार।। भूमिका विद्यार्थी जीवन मानव जीवन का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण समय होता है। इस काल में विद्यार्थी जिन विषयों का अध्ययन करता है अथवा जिन नैतिक मूल्यों को वह आत्मसात् करता है वही जीवन मूल्य उसके भविष्य निर्माण …

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शब्द रूप शब्द की परिभाषा वर्गों के सार्थक समूह को ‘शब्द’ कहते हैं, जैसे-राम, मोहन, विचित्रा, सुनीता आदि। इन शब्दों से कुछ न कुछ अर्थ अवश्य निकलता है। अतः ये सभी शब्द हैं। संस्कृत में शब्द के दो भेद होते हैं। विकारी शब्द जिस शब्द में विकार पैदा होता है अर्थात् जो शब्द लिंग, वचन, कारक …

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विविध निबन्ध 1. जो चढ़ गए राष्ट्रवेदी पर (2018) “जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं। वह हृदय नहीं है, पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।’ मैथिलीशरण गुप्त की इन काव्य पंक्तियों का अर्थ यह है कि देश-प्रेम के अभाव में मनुष्य जीवित प्राणी नहीं, बल्कि पत्थर के ही समान कहा जाएगा। …

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