Chapter 12 चन्द्रशेखर आजादः

शब्दार्थाः –

अयच्छतु = दिया,
तदानीम् = उस समय,
एकादश वर्षदेशीयः = लगभग ग्यारह वर्ष का,
नृशंसताम् = क्रूरता को (निर्दयता को),
उन्मूलनीयम् = जड़ से उखाड़ देना चाहिए,
समचालयत् = संचालित किया,
अल्पवयस्कः = कम उम्र के,
कारागारे = जेल में,
वेत्रदण्डेन = बेंत के डंडे से,
तथाविथ = उस प्रकार के,
वेत्रप्रहारकः = बेंत से प्रहार करने वाला,
प्रहृतवान् = पीटा गया,
उच्दिन्नम् = उखड़ना,
घटिको = घंटा,
तावत् = तब तक,
पत्रचत्वम् = मृत्यु को,
गौराङ्गः = अंग्रेज,
सप्तविंशे दिनाङ्के = सत्ताइसवीं तारीख में,
भुशुण्डीगुटिका = बन्दूक की गोली।

“तव किं……………उन्मूलनीयम्” इति।
हिन्दी अनुवाद – ‘तुम्हारा नाम क्या है ?
आजाद
तुम्हारा पिता कौन है ?
‘स्वाभिमान ।’
‘घर कहाँ है ?’
‘जेलखाना’

गुलामी के दिनों में न्यायाधीश (जज) के प्रश्नों के इस प्रकार उत्तर जिन्होंने दिए थे, वे चन्द्रशेखर ‘आजाद’ थे।
चन्द्रशेखर नाम का एक छात्र उन दिनों बनारस में पढ़ता था। ग्यारह वर्ष की उम्र में जब इसने जलियाँवाला काण्ड में हुए अत्याचार की बात सुनी, तब यह पक्का इरादा कर लिया कि किसी भी तरह से इस क्रूर (अत्याचारी) शासन को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए।

शीघ्रमेव………………………..निष्कासयति इति
हिन्दी अनुवाद – वह समय भी शीघ्र ही आ गया। भारत में इंग्लैंड का राजकुमार आया। शासन की ओर से उसके स्वागत के लिए जो प्रबन्ध किया गया, देशवासियों ने उसका विरोध करने का निश्चय किया। बनारस के प्रसिद्ध क्वींस नाम के संस्कृतं कॉलेज के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विरोध करते हुए, छोटी उम्र होने पर भी आजाद को पकड़ लिया गया। कुछ दिनों के बाद उसे अदालत में लाया गया। न्यायाधीश (जज) ने पन्द्रह बेंतों की सजा देकर कहा कि इसे बन्दीगृह से निकाल दो।

वेत्रप्रहारकः……….अमारयन् । 
हिन्दी अनुवाद – बेत लगाने वाले ने आजाद को नंगा कंरके इसकी पीठ पर इस निर्दयता से मारा कि पीठ की खाल उधड़ गई। | वह बेंत की हर चोट पर ‘भारत माता की जय’ का नारा तब तक कहता रहा, जब तक बेहोश नहीं हो गया। | साइमन कमीशन का विरोध करते हुए बूढ़े लाला लाजपतराय को अँग्रेजों ने इतना पीटा कि कुछ दिन बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। इसका बदला लेने में लगे हुए आजाद, भगतसिंह, शिवराम, राजगुरु और जयगोपाल ने लाला लाजपतराय की मृत्यु के मुख्य रूप से उत्तरदायी अंग्रेज स्कॉट को मार दिया।

आजादः 1931…………………..प्राप्नोत।
हिन्दी अनुवाद – 27 फरवरी, 1931 को दस बजे से पहले प्रयाग के अल्फ्रेड नाम के बाग में आजाद, सुखदेव और राज के साथ बैठे थे कि नॉटबाबर द्वारा अन्य पुलिस साथियों के साथ, इन्हें अचानक चारों ओर से घेर लिया गया। नॉटबाबर की बन्दूक की गोली आजाद की जाँघ में घुस गई और आजाद द्वारा चलाई गई गोली बाबर की कलाई को छेदकर बाहर निकल गई एक घंटे तक दोनों ओर से गोलियों की बौछार होती रही। एक ओर अकेले आजाद और दूसरी ओर अनेक शत्रु। जब गोलियाँ लगभग समाप्त हो गईं, तब आजाद ने अंतिम गोली से अपने आपको मारकर ‘आजाद’ नाम सार्थक करते हुए स्वाधीनता के यज्ञ में अपनी आहुति दे दी और वीरगति को प्राप्त किया।

अभ्यासः

प्रश्न 1. उच्चारणं कुरुत पुस्तिकायां च लिखत
नोट – विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

प्रश्न 2. एकपदेन उत्तरत
(क) आजादस्य पूर्ण नाम किम्?
उत्तर – चन्द्रशेखरः आजादः।
(ख) कस्य स्वागतस्य बहिष्कारायः जनाःनिश्चयम् अकुर्वन्?
उत्तर – साइमनस्य।
(ग) वेत्रप्रहारकाले आजादः किम् उद्घोषयतृ?
उत्तर – चन्द्रशेखर आजादः ।
(घ) अल्फ्रेड वाटिका कस्मिन् नगरे अस्ति?
उत्तर – प्रयागनगरे।

प्रश्न 3. एकवाक्येन उत्तरत-.
(क) कदा वयोवृद्धं लाला लाजपतरायं गौराङ्गाः अताडयन्?
उत्तर– साइमनसमितेः बहिष्कारकाले वयो वृद्धं लाला लाजपतरायं गौराङ्गा अताडयन् ।
(ख) कस्य प्राङ्गणे आजादः बहिष्कारान्दोलनं समचालयत?
उत्तर– वाराणस्यां क्वींसकालेज इति नाम्ना संस्कृत विद्यालयस्य प्राङ्गण आजादः बहिष्कारान्दोलनं समचालयत् ।
(ग) लाला लाजपतरायस्य मृत्योः मुख्यंः कारणं सैन्डर्स नामानम् गौरा के अमीरयन्।।
उत्तर– आजादः, भगतसिंहः, शिवरामः राजगुरुः, जयगोपालश्य-इमे सर्वे लाला लाजपतरायस्य मृत्यो मुख्यं कारणं गौराडूगं सैन्डर्स-नामानम् अमारयन्।। |
(घ) “कस्तव पिता?” इति प्रश्नस्य उत्तरं किम् अयच्छत्?
उत्तर– “कस्तव पिता?” इति प्रश्नस्य उत्तरं अयच्छत् “स्वाभिमानः!”

प्रश्न 4. अधोलिखित-क्रियापदानां लिखत (लिखकर)-.
 क्रियापदम्             लकारः
पठन्ति                       लर्ट
आसीत्                       लड्
गच्छेत ।                  विधिलिङ्
अभवत् ।                   लङ्

प्रश्न 5. उदाहरणानुसारं लकारपरिवर्तनं कुरुत (परिवर्तन करके) –
उत्तर-
ललकारः     लट्लकारः
अयच्छतु।      यच्छति
अशृणोत्        शृणोत्
आगच्छत् ।    आगच्छति
अमारयन्।      मारयन्ति

प्रश्न 6. संस्कृतभाषायाम् अनुवादं कुरुत
(क) स्वतंत्रता दिवस पन्द्रह अगस्त को मनाया जाता है।
अनुवाद – स्वतंत्रता दिवसं पचदश अगस्ते आयोजयति।।
(ख) स्वतंत्रता संग्राम में अनेक राष्ट्रभक्तों ने प्राणों की आहुति दी।
अनुवाद – स्वतंत्रता संग्रामे अनेके राष्ट्रभक्ताः प्राणोत्सर्ग कृतवान् ।
(ग) चन्द्रशेखर आजाद संस्कृत विषय के छात्र थे।
अनुवाद – चन्द्रशेखर आजादः संस्कृत विषयस्य छात्रः आसीत्।।
(घ) हमारा देश पन्द्रह अगस्त, सन् 1947 ई० को स्वतंत्र हुआ।
अनुवाद – अस्माकं देशः 15 (पञ्चदश) अगस्त, 1947 ईसवी वर्षे स्वतन्त्रः अभवत् ।
(ङ) देश में संविधान 26 जनवरी, सन् 1950 ई० को लागू किया गया।
अनुवाद – देशे 26 जनवरी, 1950 इसवीये वर्षे संविधानम् आरब्धयत् ।

प्रश्न 7. सुमेलनं कुरुत (सुमेलित करके)
(क) गणतन्त्र दिवसः जनवरी मासस्य षडूविंशदिनाङ्के
(ख) स्वतंत्रता दिवसः अगस्त मासस्य पञ्चदशदिनाङ्के
(ग) महात्मागान्धी जन्मदिवसः अक्टूबर मासस्य द्वितीयदिनाङ्के
(घ) झण्डा दिवसः दिसम्बर मासस्य सप्तदिनाङ्के

नोट – ‘शिक्षण-सङ्केतः विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से करें।

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