Chapter 12 साप्ताहिक धमाका (मंजरी)

महत्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या

”यह काम भी आजादी ……………… देता हूँ।”

संदर्भ – प्रस्तुत गद्यांश हेमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘साप्ताहिक धमाका’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक डॉ० हरिकृष्ण देवसरे जी हैं।

प्रसंग – बच्चों के ‘साप्ताहिक धमाका’ नामक पत्र निकालने पर प्रोफेसर माथुर द्वारा कहा गया यह वक्तव्य आधुनिक सामाजिक विसंगति पर सटीक टिप्पणी है।

व्याख्या – बच्चों द्वारा निकाले गए ‘साप्ताहिक धमाका’ नामक पत्र के सम्बन्ध में प्रोफेसर कहते हैं। कि इस तरह के गोपनीय कार्य स्वाधीनता संघर्ष के दिनों में किए जाते थे; परन्तु आज भी ऐसे ही संघर्ष की आवश्यकता है। पहले अँग्रेजों से आजादी प्राप्त करनी थी; अब समाज में छिपे शत्रुओं से; जो भ्रष्टाचार और अराजकता फैलाकर सकल समाज में अव्यवस्था की नींव रखना चाहते हैं। ऐसे सत्कार्य तो हम बड़ों को करने चाहिए थे; लेकिन कर रहे हैं ये बच्चे! मैं इन्हें बधाई देता हूँ।

पाठ का सार (सारांश)

समाज की बुराइयाँ, अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, अनीतियाँ आदि दुर्गुण मिटाने के लिए कुछ बच्चे ‘साप्ताहिक धमाका’ नामक हस्तलिखित अखबार निकालते हैं। लाला धनीराम, मुंशी शादीलाल, डॉ० चेलाराम जैसे कई नाम हैं; जो सफेदपोश बनकर स्याह (काले) धंधे करते हैं। बच्चे पूरी तरह गोपनीय रहकर प्रत्येक सप्ताह अखबार का अंक निकाल हर घर के दरवाजे पर बँटवा देते हैं। समाज के तथाकथित ठेकेदार गुमनाम संपादक बच्चों को खोजने की भरपूर कोशिश करते हैं; लेकिन विफल हो जाते हैं। समाज के बुद्धिजीवी बच्चों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हैं। अन्ततः मोहल्ले में सुधार की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती है।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

प्रश्न 1.
अखबार से जुड़े निम्नलिखित शब्दों को देखिए और पता कीजिए कि किसी अखबार में इनकी क्या भूमिका होती है- सम्पादक, संवाददाता, निज प्रतिनिधि, फोटोग्राफर।
उत्तर :
सम्पादक – अखबार का सम्पादन सम्पादक द्वारा किया जाता है। सम्पादक के अनेक कार्य होते हैं, जैसे समाचार के सत्यता की जाँच करना, समाचार शुद्ध लिखें हैं कि नहीं, इसकी जाँच करना, कौन समाचार किस पृष्ठ पर छपेगा यह तय करना, कौन सा समाचार प्रमुख है और किस समाचार को अगले पृष्ठ पर स्थान देना है, इन सभी की जिम्मेदारी संपादक की होती है। अखबार में अगर कुछ गलत छपता है तो इसके लिए जवाबदेह संपादक ही होता है।

संवाददाता – संवाददाता का कार्य है अखबार के कार्यालय में रोज नये समाचार भेजना। सभी अखबार के अपने-अपने संवाददाता होते हैं। जो देश या दुनिया के सभी शहरों में रहते हैं उनका एक दायरा तय होता है। उनका काम होता है वहाँ रोज घटने वाली घटनाओं की जानकारी अखबार के कार्यालय को भेज़ना।

निज प्रतिनिधि – ये अखबार के पत्रकार होते हैं और ये अखबार के कार्यालय में नियुक्त होते हैं। इनका काम होता है चर्चित लोगों का साक्षात्कार लेना या देश में कहीं कोई गंभीर घटना घटने पर वहाँ जाकर पूरी जाँच-पड़ताल कर घटना के संबंध में विशेष जानकारी प्राप्त कर अखबार के कार्यालय को उपलब्ध कराना।

फोटोग्राफर – ये भी पत्रकार की तरह ही अखबार के कर्मचारी होते हैं। ये पत्रकार के साथ ही रहते हैं। इनका काम इनके नियक्ति के क्षेत्र में घटने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं, जनसभाओं आदि का फोटो खींचकर अखबार के कार्यालय में भेजना होता है। आप अखबार में किसी घटना से संबंधित जो तस्वीर देखते हैं वे इन्हीं के द्वारा भेजे हुए होते हैं।

प्रश्न 2.
विद्यार्थी स्वयं उत्तर दें।

प्रश्न 3.
विद्यार्थी स्वयं उत्तर दें।

प्रश्न 4.
अखबार (समाचार पत्र) प्रायः दैनिक, साप्ताहिक अथवा पाक्षिक होते हैं और पत्रिकाएँ साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक अथवा वार्षिक होती हैं। निम्नलिखित शीर्षकों के आधार पर तीन-तीन पत्र-पत्रिकाओं के नाम लिखिए|
उत्तर :

(क) दैनिक – हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स।
(ख) साप्ताहिक – रोजगार समाचार, सहारा समय, कादंबिनी।
(ग) पाक्षिक – इंडिया टूडे, आउटलाइन, कादंबिनी।
(घ) मासिक – गृहशोभा, निरोगधाम, प्रतियोगिता दर्पण।
(ङ) वार्षिक – मनोरमा वार्षिक अंक, सामान्य ज्ञान दर्पण, खेल-दर्पण।

प्रश्न 5.
नीचे एक अखबार में छपी खबर के मुख्य शीर्षक दिए गए हैं। शीर्षक पढ़कर आगे की खबर पूरी कीजिए –

(क) मानक से 20 गुना ज्यादा दूषित हवा : बढ़ रहा है वायु प्रदूषण।
उत्तर :
दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है। हवा मानक से 20 गुना ज्यादा दूषित हो गई है। लोगों में साँस की बीमारी बढ़ती जा रही है। वृद्ध एवं बच्चे साँस की समस्या से अधिक परेशान हैं। दिल्ली सरकार ने लोगों को मास्क लगाकर घर से बाहर जाने की सलाह दी है।

(ख) सड़क दुर्घटना में साइकिल सवार की मौत : मोबाइल का प्रयोग एवं हेलमेट न पहनना बना मृत्यु का कारण।
उत्तर :
देश में सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़कों पर रोज नये । हजारों वाहन बढ़ रहे हैं। लोग भी बिना हेलमेट मोटर साइकिल, स्कूटर चला रहे हैं और दुर्घटना में अपनी जान भी गॅवा रहे हैं। नई पीढ़ी सड़कों पर चलते समय मोबाइल का प्रयोग कर दुर्घटना का शिकार हो जान आँवा रही है।

(ग) उच्च प्राथमिक विद्यालय में जगी स्वच्छता की अलख : बच्चों ने लिया आस-पास को स्वच्छ रखने का संकल्प।
उत्तर :
हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी नागरिकों एवं विद्यार्थियों से पूरे भारत वर्ष में स्वच्छता अभियान चलाकर देश को स्वच्छ करने की अपील की है। इस अभियान में विद्यार्थी वर्ग का पूरा सहयोग मिल रहा है। पूरे देश के गाँवों, शहरों एवं विद्यालयों में स्वच्छता अभियान चला कर सभी विद्यालयों एवं उनके आस-पास के स्थानों को स्वच्छ किया जा रहा है। प्रधान मंत्री ने विद्यार्थियों को बहुत-बहुत बधाई दी है।

विचार और कल्पना

प्रश्न 1.
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अन्तर्गत कौन-कौन-से समाचार माध्यम सम्मिलित हैं, उन्हें लिखिए।
उत्तर :
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अन्तर्गत टी०वी०, सिनेमा, इन्टरनेट आदि समाचार माध्यम सम्मिलित हैं।

प्रश्न 2.
नोट – विद्यार्थी उत्तर स्वयं लिखें।

कुहानी से

प्रश्न 1.
‘साप्ताहिक धमाका’ क्यों निकाला गया?
उत्तर :
मोहल्ले में फैले भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए ‘साप्ताहिक धमाका’ अखबार निकाला गया।

प्रश्न 2.
‘साप्ताहिक धमाका’ के निकालने वाले कौन थे और वे किस प्रकार अनेक प्रतियाँ तैयार करते थे?
उत्तर :
‘साप्ताहिक धमाका’ निकालने वाले चार बच्चे थे। पहले अखबार की एक मूले प्रति तैयार की जाती थी, फिर चार प्रतियाँ और बाद में कार्बन द्वारा कई प्रतियाँ बनाई जाती थी।

प्रश्न 3.
पहले अंक की खास-खास खबरें क्या-क्या थीं तथा लाला धनीराम की दुकान में सुबह-सुबह हंगामा क्यों हो गया?
उत्तर :
पहले अंक की खास-खास खबरें थीं- लाला धनीराम के मसालों में मिलावट, गुटकू भटनागर बैगन की सब्जी से चिढ़ते हैं, ठेकेदार हजारा सिंह ने लड़की की शादी में पचास हजार नकद दहेज दिया, हेडमास्टर के घर स्कूल के चपरासी काम करते हैं, क्लास टीचर सोहनलाल ने तीन महीनों की फीस अब तक स्कूल में जमा नहीं की आदि। लाला धनीराम की पोल खुल जाने के कारण ही सुबह-सुबह उसकी दुकान में हंगामा हो गया।

प्रश्न 4.
चिरंजीलाल ने अपने भाषण में क्या कहा और क्यों कहा?
उत्तर :
चिरंजीलाल ने गुमनाम संपादक बच्चों की पहचान करने के लिए अपने भाषण में कहा- हम ‘साप्ताहिक धमाका’ के संपादक बच्चों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हैं। उन्होंने हमारी गलतियाँ बताकर हमें सही राह दिखाई है। हमने तय किया है कि हर बच्चे को इस काम के लिए पाँच-पाँच सौ रुपयों का इनाम दिया जाए, लेकिन हम नहीं जानते कि वे बहादुर बच्चे कौन हैं; इसलिए उनसे निवेदन करते हैं कि वे सब मंच पर आएँ; अपना परिचय दें और पुरस्कार लें।

प्रश्न 5.
“साप्ताहिक धमाका’ अखबार के दूसरे अंक की प्रमुख खबर थी
उत्तर :
साप्ताहिक धमाका’ अखबार का दूसरा अंक बँटा तो ऐसा लगा जैसे किसी ने मिर्ची का पैकेट खोलकर हवा में उछाल दिया हो। मोहल्ले के कई सम्मानित कहे जाने वाले लोगों की पोल खुल चुकी थी। चंदा खाने वाले और चोरी-छिपे शराब पीने वाले बेनकाब हो चुके थे। शादी लाल बच्चों को झूठा बता रहे थे।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
‘विशेष’ में ‘अंक’ जोड़कर ‘विशेषांक’ शब्द बनाया गया है। इसी प्रकार, निम्नलिखित शब्दों में ‘अंक जोड़कर शब्द बनाएँ (शब्द बनाकर) –
उत्तर :
क्रम – क्रमांक, प्रवेश – प्रवेशांक, जन्म – जन्मांक, गत – गतांक

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़ें

(क) खबरें न केवल सच्ची थीं, बल्कि कान खड़े करने वाली थीं
(ख) बाते न केवल झूठी थी; बल्कि शर्म से गड़ने वाली थी।

इसी प्रकार नीचे दिए गए जोड़ों से एक-एक वाक्य बनाइए (वाक्य बनाकर) –

(क) संदेश न केवल दुखदायी था; बल्कि सुनते ही सिंर पर आसमान टूट पड़ा था।
(ख) आतंकवादियों ने जनता को न केवल त्रस्त कर दिया है, बल्कि नाक में दम कर रखा है।
(ग) वह न केवल दुष्ट है; बल्कि सिर पर सवार हो जाता है।

इसे भी जानें –
नोट – विद्यार्थी अतिरिक्त जानकारी के लिए ध्यान से पढ़ें।

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