chapter 14 वीराङगना विश्पला

शब्दार्थाः- वीराङ्गना = वीर स्त्री, कुर्वती = करती हुई, परिवेष्टिता जाता = घेर ली गई, छिन्नौ = कट गए, हतोत्साहा = उत्साह रहित, आहूतवान् = बुलाया, अकल्पयताम् = जोड़ दिया, बना दिया, निहितम् = जमा किया हुआ, इत्थम् = इस प्रकार, आहृतवती = ले ली, अत एवोक्तम् = इसलिए कहा गया है, सत्तवे = पराक्रम में, उपकरणे = साधन में।

वैदिकयुगेः- ……………………………………………………………………… इति।

हिन्दी अनुवाद – वैदिक युग में खेल नामक कोई राजा था। वह खेल में अत्यन्त कुशल और विशेषज्ञ था; इसलिए उसका नाम खेल था।
उसकी पत्नी युद्ध में निपुण और वीर नारी थी। उसका  नाम ‘विश्पला’ था।

एक युद्ध में वह युद्ध करती हुई शत्रु द्वारा घेर ली गई, उसके दोनों पैर भी कट गए, वह विकलांग हो गई परन्तु वीर नारी विश्पला निरुत्साहित नहीं हुई। उसके साहस, वीरता और उत्साह को देखकर खेलराज के मार्गनिर्देशक अगस्त्य ने  उसी रात में देवचिकित्सक अश्विनी कुमार को बुलाया। उसने विश्पला के दोनों पैर लोहे के लगा दिए और उस वीर नारी ने इसके बाद बहुत उत्साह से शत्रुओं का धन जीत लिया।

इस प्रकार, पहले से विकलांग होते हुए भी वीर नारी विश्पला ने लोहे के पैरों की सहायता से शत्रुओं को जीतकर उनका धन प्राप्त किया। अतः कहा गया है- बहुत साधन न होने पर भी पराक्रम से कार्य सिद्ध होता है।

अभ्यासः

प्रश्न 1.
उच्चारणं कुरुत पुस्तिकायां च लिखत
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें। 

प्रश्न 2.
एकपदेन उत्तरत –

(क) विश्पली का आसीत्?
उत्तर :
विश्पला वीराङ्गना नारी आसीत्।
(ख) सा कस्य पत्नी  आसीत्?
उत्तर :
सा खेलराजस्य पत्नी आसीत्।
(ग) अगस्त्यः किम् अकरोत्?
उत्तर :
अगस्त्यः देव चिकित्सकौ अश्विनीकुमारी आहूतवान्।
(घ) युद्धे तस्याः किम् अभवत्?
उत्तर :
युद्धे तस्याः द्वौ अपि पादौ छिन्नौ अभवत्।
(ङ) उत्साहयुक्ता विश्पला  किम अकरोत्?
उत्तर :
उत्साहयुक्ता विश्पला शत्रुभिः निहितं धनं जितवती।

प्रश्न 3.
सन्धि-विच्छेदं कुरुत  (सन्धि-विच्छेद करके)
पदम्                                       सन्धि-विच्छेदः
वीराङ्गना                                वीर + अङ्गना
विकलाङ्गी                              विकल + अङ्गी
नोपकरणे                              न + उपकरणे

प्रश्न 4.
पाठस्य आधारे रिक्तस्थानानि पूरयत (पूरे करके)
(क) वैदिक युगे कश्चित् खेल राजा आसीत्।
(ख) तस्य पत्नी विश्पला वीराङ्गना आसीत्।
(ग) एकस्मिन् युद्धे सा युद्धं कुर्वन्ती  शत्रुभिः परिवेष्टिता जाता।
(घ) वीराङ्गना विश्पला हतोत्साही न जाता।।

प्रश्न 5.
निम्नलिखितपदानां विभक्तिं वचनं  च लिखत (लिखकर)

प्रश्न 6.
संस्कृतभाषायाम् अनुवादं कुरुत (अनुवाद करके)
(क) विश्पला एक बार युद्ध में शत्रुओं के द्वारा घेर ली गई।
अनुवाद : एकदा विश्पला युद्धे शत्रुभिः परिवेष्टिता जाता।
(ख) अश्विनीकुमारों ने लोहे के पैर लगा दिए।
अनुवाद : अश्विनीकुमारौ लौहनिर्मितौ पादौ अकल्पयताम्
(ग) उसने पुनः युद्ध किया  तथा शत्रुओं को जीत लिया।
अनुवाद : सा पुनः युद्धं अकरोत् तथा शत्रून् जितवती।

प्रश्न 7.
कर्तुः पुरुष-वचनानुसारं क्रियापदं चित्वा  वाक्यं रचयत (वाक्य रचकर)-

नोट – विद्यार्थी शिक्षण-संकेत स्वयं करें।

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