Chapter 15 महाराजा सुहेलदेव (महान व्यक्तिव)

पाठ का सारांश

बहराइच महर्षि अष्टावक्र और भगवान बुद्ध की तपस्थली रहा है। इस जनपद में बाबागंज रेलवे स्टेशन से तीन किमी दूर चरदा नामक स्थान है। यहाँ सुहेलदेव नामक राजा राज करते थे। इन्हें सुहिरिध्वज भी कहा जाता है। ‘चरदा का डीह’ इनका किला माना जाता है। वीर राजा सुहेलदेव ने पहाड़ी राजाओं की संयुक्त सेना गठित करके चितौरा झील नामक स्थान पर महमूद गजनवी के नवासे सैयद सालार मसूद गाजी को परास्त कर मार डाला था। इन्होंने अन्य विदेशी आक्रमणकारियों से भी लोहा लिया था और प्रजा की सुरक्षा की थी। चितौरा झील के किनारे एक मन्दिर बनाया गया है। यहीं राजा सुहेलदेव की एक मूर्ति भी स्थापित की गई है। इनकी स्मृति में इस स्थान का नाम सुहेलनगर रखा गया है। प्रतिवर्ष वसन्तपंचमी को यहाँ मेला लगता है।

अभ्यास

प्रश्न 1.
महाराजा सुहेलदेव कहाँ के राजा थे, और वे क्यों प्रसिद्ध हैं?
उत्तर :
महाराजा सुहेलदेव चरदा के राजा थे। इन्होंने सैयद सालार मसूद गाजी को हराया था और विदेशी आक्रमणकारियों से लोहा लेकर जनता की रक्षा की थी। वे अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न 2.
बहराइच जनपद किन-किन विभूतियों की तपस्थली रही है?
उत्तर :
बहराइच जनपद महर्षि अष्टावक्र और भगवान बुद्ध की तपस्थली रही है।

प्रश्न 3.
भगवान बुद्ध बहुत वर्षों तक जेतवन क्यों जाते थे ?
उत्तर :
भगवान बुद्ध कई वर्षों तक वर्षा ऋतु के चौमासे व्यतीत करने जेतवन जाते थे।

प्रश्न 4.
नीचे कथनों पर सही (✓) या गलत (✗) का चिह्न लगाइए –
उत्तर :

(क) महाराजा सुहेलदेव को मकरिध्वज नाम से भी जाना जाता है। (✗)
(ख) चरदा की डीह राजा सुहेलदेव का किला माना जाता है। (✓)
(ग) सुहेलनगर में प्रतिवर्ष वसंत पंचमी को मेला लगता है। (✓)
(घ) सैयद सालार मसूद गाजी टेढ़ी नदी के किनारे युद्धा में विजयी हुआ। (✗)

योग्यता विस्तार –

अपने जनपद की उन महान विभूतियों के बारे में पता कीजिए जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रे में भारत का नाम रोशन किया है।
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

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