Chapter 17 प्रयाण-गीतम्

शब्दार्थाः

गुल्म = सैन्यदल
विजेतृ = विजेता
मोद = प्रस नेता
त्रिवर्णिकः = तीन वर्षोंवाला तिरंगा
अदम्य = जिसका दमन न किया जा सके
साहसान्वित = साहसयुक्त साहसी
रोधने = रोकने में
सुवीरसायकः = अच्छे वीरों के बाण
प्रतापवीरता = राणाप्रताप की वीरता
स्वतन्त्रता-सुवर्ण-जन्य-वर्ण-मोद-वर्धकः = स्वतन्त्रता रूपी स्वर्ण से उत्पन्न स्वर्णिम आनन्द को बढ़ाने वाला
प्रवर्धते = आगे बढ़ रहा है
क्षमाः = समर्थ।

पदं पदं …………………………………….. विजेतृगीतगायकः ।।1।।

हिन्दी अनुवाद – जय की कामना से युक्त, विजय के गीत गाने वाले किशोर सैन्यदल सैनिक कदम-कदम बढ़ाते हैं।

स्वतन्त्रता ………………………………… पदं प्रवर्धते ।।2।।

हिन्दी अनुवाद – ये (किशोर सैन्यदल सैनिक) (UPBoardSolutions.com) स्वाधीनता के प्रवर्तक हैं। ये स्वाधीन देश के रक्षक हैं। ये स्वाधीनता के सुवर्ण से उत्पन्न आनन्द बढ़ाने वाले हैं और ये कदम-कदम बढ़ाते हैं।

अशोक ……………………………. पदं प्रवर्धते ।।3।।

हिन्दी अनुवाद – ये (किशोर सैन्यदल सैनिक) अपने हाथों में अशोक चक्र से सुशोभित तिरंगा ध्वज धारण किए हुए हैं। इनके हृदय में राणाप्रताप की वीरता है और ये अदम्य साहस से युक्त हैं। ये कदम-कदम बढ़ाते हैं।

न मार्गोधने …………………………… प्रवर्धते ।।4।।

हिन्दी अनुवाद – ये (किशोर सैन्य दल) ऐसे हैं कि इनका रास्ता रोकने में समुद्र और पर्वत आदि भी सक्षम नहीं। ये सारे शत्रुओं का विनाश करने वाले पराक्रमी धनुर्धर हैं। ये कदम कदम बढ़ाते हैं।

अभ्यासः

प्रश्न 1.
उच्चारणं कुरुत
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 2.
एकपदेन उत्तरत

(क) कः पदं-पदं प्रवर्धते?
उत्तर :
किशोरगुल्मसैनिकः

(ख) ध्वजः कीदृशः अस्ति?
उत्तर :
त्रिवर्णिकः।

(ग) के मार्गरोधने क्षमी ने सन्ति?
उत्तर :
समुद्रपर्वतादिकाः

(घ) किशोरगुल्मसैनिकः कः इव समस्त वैरिनाशकः अस्ति?
उत्तर :
यथा सुवीरसायकः

प्रश्न 3.
रिक्तस्थानानां पूर्ति कुरुत (पूर्ति करके) –

(क) किशोरगुल्म – सैनिकः।
(ख) विजेतृगीत – गायकः।
(ग) स्वतन्त्रदेश – रक्षकः।
(घ) वर्णमोद – वर्द्धकः।

प्रश्न 4.
अधोलिखित-पदानां विलोमपदानि लिखत (विलोम लिखकर) –
यथा –

  • स्वतन्त्रता – परतन्त्रता
  • रक्षकः – भक्षकः
  • क्षमाः – क्रोधः
  • वीरता – कायरता

प्रश्न 5.
हिन्दी भाषायाम् अनुवादं कुरुत –

(क) भारतीय ध्वज में अशोकचक्र सुशोभित है।
अनुवाद – भारतीय ध्वजे अशोकचक्रः सुशोभितः अस्ति।

(ख) राष्ट्रीय ध्वज में तीन रंग है।
अनुवाद – राष्ट्रध्वजः त्रिवर्णिकः अस्ति।

(ग) राष्ट्रसैनिकों की जय हो।
अनुवाद – राष्ट्रसैनिकाः जयन्तु।

प्रश्न 6.
अधोलिखित-पदानां विभक्ति वचनें च लिखत (लिखकर) –

प्रश्न 7.
अथोलिखित पदानि प्रयुज्य वाक्यरचनां कुरुते
उत्तर :

  • सैनिकः – जयतु
  • गायकः – गायति
  • रक्षकः – राष्ट्र रक्षति
  • ध्वजः – त्रिवार्णिकः असति।

नोट – विद्यार्थी ‘शिक्षण-सङ्केतः’ और ‘एतदपि जानीत’ स्वयं करें।

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