Chapter 20 एक संसद नदी की (मंजरी)

महत्त्वपूर्ण पद्यांश की व्याख्या

बहरहाल ……………………………. चल रहा है।

संदर्भ:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के एक संसद नदी की’ नामक कविता से ली गई है। यह हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र से साभार लिया गया है।

प्रसंग:
राजस्थान में पानी की कमी को दूर करने के लिए जल-प्रबन्धन द्वारा जल संरक्षण किया गुया।

व्याख्या:
राजस्थान की परम्पराओं को ध्यान में रखते हुए वहाँ के लोगों ने अपने सामूहिक श्रमदान से जोहडू, तालाब आदि को गहरा खोदकर जल संरक्षण किया जिससे जलस्तर ऊँचा उठा और हरियाली आ गई। लोगों को यह साहसिक कार्य नीति बनाने वालों के लिए सबक और समाज के लिए सीख था। जब पानी की कमी हो, तो उसका संरक्षण स्वाभाविक उपाय है। इस दृष्टि से लोगों को उत्साह दिलाकर जल-प्रबन्धन कराने के लिए राजेन्द्र सिंह को मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी जलसंरक्षण कार्यक्रम प्रगति पर है।

पाठ का सर (सारांश)

राजस्थान की सूखी धरती पर पन्द्रह वर्ष के कड़े संघर्ष के बाद जल संरक्षण करने से जलक्रान्ति आ गई। इसमें केन्द्रीय भूमिका राजेन्द्र सिंह की थी। अलवर जिले की पाँच सूखी नदी अखरी, रूपारेल, सरसा, भगाणी और जहाज वाली नदी, ये पाँचों सदानीरा हो गईं। अलवर में 75 गाँवों की साझेदारी से अखरी संसद ने सलाह दी कि वहाँ पढ़ाई से पहले जल की जरूरत थी। राजेन्द्र सिंह ने किशोरी और गोपालपुरा के लोगों के सहयोग से जल संरक्षण के लिए जल प्रबन्धन कार्यक्रम चलाया। जोहड, बावड़ी, बाँध, तालाब गहरे किए गए। इस प्रकार का अभिक्रम दोसा, जयपुर, दोब, उदयपुर, करौली और सवाई माधोपुर में भी चलाया गया। इस जल प्रबन्धन से तस्वीर बदल गई। जल-स्तर ऊपर उठने से कुएँ जी उठे। हरियाली वापस आ गई। अरावली पर्वत पर पेड़ उगने लगे। लोगों के पलायन पर विराम लग गया।
जल संरक्षण का यह अद्भुत काम निश्चय ही प्रेरक और अनुकरणीय है। जलसंरक्षण के व्यापक काम की बदौलत राजेन्द्र सिंह को मैगसेसे सम्मान मिला। ऐसी परम्परा के अनुकरण में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में जल संरक्षण कार्यक्रम चल रहा है।
गुजरात में वैज्ञानिक तकनीक ‘रिमोट सेंसिंग’ द्वारा कार्य चल रहा है। यह रिमोट सेंसिंग तकनीक पहाड़ी और पठारी इलाकों में कारगर है। इससे पता चलता है कि कौन-सी जगह पानी जमा करने के लिए ठीक है। राजकोट जिले के राजसमटियाला गाँव में तीन चेक बनाए गए हैं।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

नोट:
विद्यार्थी स्वयं करें।

विचार और कल्पना

(क) ऐसी दस बातें/कारण लिखिए जिससे सिद्ध हो कि “जल ही जीवन है।”
उत्तर:

  1. जल हमारी प्यास बुझाता है।
  2.  जल के माध्यम से ही हम अपना भोजन पकाते हैं।
  3. जल वर्षा रूप में ग्रीष्मकालीन की गर्मी से हमें राहत देता है।
  4. जल पेड़-पौधों और फसलों-वनस्पतियों के लिए भी अति आवश्यक है।
  5. मछली, कछुआ, मगरमच्छ आदि सहित अनेक जलीय  जीव केवल जल में ही जीवित रह सकते हैं।
  6. जल से हम अपने वस्त्र धोते हैं।
  7. जल से बरतन धोते हैं।
  8.  जन से घर की साफ-सफाई करते हैं।
  9. जल से हम नहाते हैं।
  10.  जल से साग सब्जियों को भी धोते हैं।
    यदि इन सब कार्यों के लिए जल नहीं उपलब्ध हो पाएगा तो मानव-जीवन पशु-पक्षियों, जलीय जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों का जीवन भी खतरे में पड़ जाएगा। अतः जल ही जीवन है।

(ख) (ग) एवं (घ) नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।

रिपोर्ताज से

प्रश्न 1:
दो दशक पहले अलवर जिले में जो नदियाँ सूख गयीं थीं, उनके नाम क्या थे?
उत्तर:
दो दशक पहले अलवर की सूख जाने वाली नदियों के  नाम- अखरी, रुपारेल, सरसा, भगाणी और जहाज वाली नदी आदि थे।

प्रश्न 2:
अक्टूबर 1985 ई० में राजेन्द्र सिंह राजस्थान के अलवर जिले के किशोरी गाँव में किस उद्देश्य से गए थे?
उत्तर:
राजेन्द्र सिंह किशोरी गाँव के लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से गए थे।

प्रश्न 3:
किशोरी और गोपालपुरा गाँव के लोगों ने राजेन्द्र सिंह को जल प्रबन्धन की कौन-सी पुरानी विधियाँ बतायी?
उत्तर:
छोटे-छोटे बाँध बनाए जाएँ, सूख चुके कुएँ और बावड़ियों को फिर से गहराकर जीवित किया जाए, इसके साथ जोहड़ बनाया जाए तथा नदियों को जिलाया जाए इत्यादि पुरानी विधियाँ बताई।

प्रश्न 4:
सूखी धरती में पानी लौटने के साथ और क्या-क्या परिवर्तन हुए?
उत्तर:
सूखी धरती में पानी लौटने से राजस्थान की पूरी तस्वीर ही बदल गईं। भू-जल स्तर उठने से कुएँ जल से भर गए, हरियाली वापस आ गई, धरती की उर्वरा शक्ति बढ़ गई, फसल चक्र बदल गया, अरावली की पहाड़ियों पर पुनः पेड़-पौधे उगने  लगे तथा जो लोग रोजी-रोटी की तलाश में गाँव से पलायन कर गए थे, वे वापस आ गए और अपने खेतों में खेती करने लगे।

प्रश्न 5:
राजेन्द्र सिंह को मैगसेसे सम्मान क्यों दिया गया?
उत्तर:
जल संरक्षण के व्यापक प्रबन्ध के लिए राजेन्द्र सिंह को मैगसेसे सम्मान दिया गया।

प्रश्न 6:
रिमोट सेंसिंग तकनीक क्या है, इससे किस क्षेत्र में मदद मिलती है?
उत्तर:
इस तकनीक की मदद से उस जगह की पहचान की  जाती है जहाँ पर पानी इकट्ठा किया जा सकता है, उस तकनीक को रिमोट सेंसिंग कहते हैं।

भाषा की बात.

प्रश्न 1:
सूखी धरती, सुखद उम्मीद, नंगे पहाड़ में क्रमशः सूखी, सुखद, नंगे शब्द “विशेषण’ हैं। जबकि धरती, उम्मीद और पहाड़ ‘विशेष्य’ हैं। इस प्रकार के पाँच अन्य विशेषण-विशेष्य
को इस पाठ से छाँटकर लिखिए।
उत्तर:
विशेषण                           विशेष्य
सूखी                                नदियाँ 
पाँच                                 नदियाँ
बाहरी                              व्यक्ति
स्थानीय                            प्रशासन
अनुभवी                             लोग

प्रश्न 2:
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए (प्रयोग करके)
उत्तर:
पानी लौट आया             – जलस्तर ऊपर उठना
वाक्य प्रयोग                   – तालाब, बाँध, बावड़ी और जोहड़ों को गहरा खोदने तथा उनमें अधिक जल इकट्ठा करने से नदियों में पानी लौट आया।
चपेट में आना                – प्रभाव होना
वाक्य प्रयोग                  – राजस्थान के अनेक गाँव सूखे की चपेट में आ गए।
तस्वीर बदलना             – परिस्थिति बदल देना।
वाक्य प्रयोग                  – पानी आने से हरियाली छा गई और उजड़े गाँवों की तस्वीर बदल गई। नजरें टिकाना- गौर करना
वाक्य प्रयोग                  – लक्ष्य पर नजरें टिकाना अर्जुन से सीखा जा सकता है।
किला टूटना                 – हार होना।
वाक्य प्रयोग                  – सूखे के कारण गाँव वालों की उम्मीदों के किले टूट गए।
दिन फिरना                  – खुशी आना।
वाक्य प्रयोग                  – सूखी नदियों में पानी आ जाने से कृषकों के दिन फिर आए और भरपूर फसलें होने लगीं।

प्रश्न 3:
स्थान शब्द में ‘ईय’ प्रत्यय लगा कर ‘स्थानीय’ शब्द बनता है। इसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों में ईय प्रत्यय जोड़कर नया शब्द बनाइए (शब्द बनाकर )
उत्तर:

प्रश्न 4:
‘प्रबन्धन’ में प्र’ उपसर्ग है। इसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग  और मूल शब्द अलग-अलग कीजिए ( अलग-अलग करके)
उत्तर:

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