Chapter 21 आओ फिर से दिया जलाएँ (मंजरी)

समस्त पद्यांशों की व्याख्या

भरी दुपहरी ………………………………………………………….. दिया जलाएँ।

शब्दार्थ – अँधियारा-अँधेरा, अन्तरतम-अंतर्मन, हृदय।

संदर्भ एवं प्रसंग – प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक मंजरी-8 में संकलित अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा रचित कविता ‘आओ फिर से दिया जलाएँ’ कविता से उद्धृत हैं। प्रस्तुत काव्य पंक्तियों में कवि युवाओं को जीवन की कठिनाइयों का सामना करने एवं लक्ष्य प्राप्ति हेतु संघर्षरत रहने की प्रेरणा दे रहा है।

व्याख्या – कवि कहता है युवावस्था में व्यक्ति स्वस्थ शक्तिशाली और जोश से भरा होता है। इस उम्र में जीवन की कठिनाइयों से निराश होकर हार नहीं मानना चाहिए। उन्होंने युवाओं की तुलना सूर्य से करते हुए कहा है कि युवाओं का जीवन की कठिनाइयों के आगे हारना ऐसे है जैसे सूरज का परछाई से हार जाना। इसलिए हमें अपने अंतरतम के नेह (तेल) को निचोड़कर यानी अपनी सारी इच्छा शक्ति को समेटकर आशा के बुझे हुए दीप की बाती को सुलगाना होगा और उम्मीद का दिया फिर से जलाना होगा।

हम पड़ाव को ………………………………………………………………… दिया जलाएँ।

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत ।

प्रसंग – कवि कहता है यदि पड़ाव यानी मामूली उपलब्धि को ही मंजिल समझकर यदि हम रुक जाएँगे तो जो जीवन का वास्तविक लक्ष्य है, वह आँखों से ओझल हो जाएगी यानी हम अपना वास्तविक लक्ष्य या ध्येय भूल, जाएँगे। इसलिए वर्तमान के मोहजाले में आकर आनेवाले कल को नहीं भूलना चाहिए यानि वर्तमान की खुशियों को जीते हुए भविष्य की बेहतरी की तैयारी भी करते रहना चाहिए। अभी आहुति बाकी है, इसलिए यज्ञ भी अधूरा है अर्थात अपनों के साथ हम इतने व्यस्त हो गए हैं कि पूरी मानवता के बारे में सोचना भूल गए हैं। पूरी मानवता का कल्याण यज्ञ स्वरूप है जिनमें हमारे बलिदानों, कर्तव्यों की आहुति जानी बाकी है। इसलिए दुखों एवं बुराइयों पर विजय के लिए हमें अपना आत्मोत्सर्ग वैसे ही करना है जैसे दधीचि ने देवताओं की विजय के लिए वज्र बनाने हेतु अपनी हड्डयाँ दान में दे दी थीं।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

प्रश्न 1.
भरी हुई दुपहरी से कवि का क्या आशय है ?
उत्तर :
भरी हुई दुपहरी से कवि का आशय युवावस्था से है।

प्रश्न 2.
कवि बुझी हुई बाती को कैसे सुलगाने को कह रहा है ?
उत्तर :
कवि अंतरतम के नेह को निचोड़कर बुझी हुई बाती को सुलगाने को कह रहा है।

प्रश्न 3.
‘पड़ाव को ही समझे मंजिल’ का क्या आशय है ?
उत्तर :
जीवन में किसी मोड़ पर जहाँ हमें कोई उपलब्धि मिल जाती है तो हम उसी को मंजिल मानकर, ठहर जाते हैं, जबकि यदि हम चलते रहें तो ऐसी अनेक उपलब्धियाँ हासिल करते रहेंगे।

प्रश्न 4.
आहुति बाकी यज्ञ अधूरा’ से कवि का क्या आशय है ?
उत्तर :
कवि कहता है कि मानव जीवन का जो लक्ष्य है, अभी वह पूरा नहीं हुआ है। अभी हमें अपने कर्मों से जीवन रूपी इस हवन कुंड में और आहुति देनी होगी।

प्रश्न 5.
वर्तमान के मोह जाल’ से कवि का क्या आशय है ?
उत्तर :
वर्तमान के मोहजाल से कवि का आशय है कि मनुष्य अपने जीवन के वर्तमान समय में मिलने वाली खुशियों के कारण भविष्य की अनदेखी करता है। वह भविष्य के विषय में सोच ही नहीं पाता।

प्रश्न 6.
कवि द्वारा ‘नव दधीचि की बात क्यों की जा रही है ?
उत्तर :
दधीचि ने एक राक्षस के वध एवं मानवता के कल्याण हेतु वज्र बनाने हेतु अपनी हडियाँ देवताओं को दान कर दी थी। कवि कहता है. आज के समय में भी ऐसे ही नव दधीचियों की आवश्यकता है जो संपूर्ण मानवता के कल्याण हेतु स्वयं को बलिदान करने को तत्पर हों।

विचार और कल्पना

प्रश्न 1.
अगर भरी हुई दुपहरी में अचानक अँधेरा हो जाय तो क्या-क्या कठिनाइयाँ होंगी ?
उत्तर :
अगर भरी दोपहरी में अचानक अँधेरा हो जाए तो सर्वत्र त्राहि-त्राहि मच जाएगी। लोग जहाँ होंगे वहीं रुक जाएँगे और बहुत सारी परेशानियाँ खड़ी हो जाएँगी।

प्रश्न 2.
यदि आने वाले कल को भुला दिया जाय तो हमारे वर्तमान पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा ?
उत्तर :
यदि आने वाले कल को भुला दिया जाए तो हमारे वर्तमान पर उसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि वर्तमान मे जीते हुए ही आने वाले कल को सुखद बनाने हेतु कार्य किए जाते हैं और वही आनेवाला कल एक दिन हमारा या हमारी पीढ़ियों का वर्तमान बन जाता है।

कुछ करने को

प्रश्न 1.
दीप से सम्बंधित अन्य कवियों की कविताओं का संग्रह कर पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर :

  • स्वयं करें। संकेत- अँधेरे का दीपक – हरिवंश राय बच्चन
  • मधुर – मधुर मेरे दीपक जल – महादेवी वर्मा
  • आशा का दीपक – रामधारी सिंह दिनकर
  • तुम दीपक से जलते जाओ – परशुराम शुक्ला

प्रश्न 2.
बिजली का आविष्कार होने के पूर्व प्रकाश के लिए किन-किन साधनों का प्रयोग किया जाता था, पता करके लिखिए।
उत्तर :
बिजली का आविष्कार होने से पूर्व प्रकाश के लिए मशाल, दीपक, मोमबत्ती, लालटेन, लैम्प आदि का प्रयोग किया जाता था।

प्रश्न 3.
स्वयं करे।

भाषा की बात –

प्रश्न 1.
दिये गये शब्दों में उचित स्थान पर अनुस्वार (-) लगाइए – मजिल, अतिम, विघ्नो
यथा- निचोड़े – निचोड़ें।
उत्तर :

  • मजिल – मंजिल
  • अतिम – अंतिम
  • विघ्नो – विघ्नों

प्रश्न 2.
नेह शब्द का दो अर्थ है-1. प्रेम 2. तेल। इसी प्रकार दो अर्थ देने वाले पाँच शब्द और उनका अर्थ लिखिए।
उत्तर :

  • अंक – गोद, संख्या
  • रक्त – खून, लाल
  • वर्ण – अक्षर, जाति
  • पानी – जल, चमक
  • तीर – तट बाण

प्रश्न 3.
कविता में आए तुकान्त शब्दों को छाँटकर अपनी पुस्तिका पर लिखिए।
उत्तर :

  • अँधियारा – हारा
  • जलाएँ – गलाएँ

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