Chapter 23 अहिल्याबाई (महान व्यक्तिव)

पाठ का सारांश

अहिल्याबाई का जन्म सन 1725 ई० में औरंगाबाद जिले के चौड़ी ग्राम में हुआ। इनके पिता मानकाजी शिंदे सरल स्वभाव के थे। माता सुशीलाबाई धार्मिक प्रवृति की थीं; जिन्होंने अहिल्याबाई को धार्मिक संस्कार दिए। इनकी एकाग्रता व भक्ति से प्रभावित होकर मल्हार राव होल्कर ने इन्हें अपनी पुत्रवधू बनाया। इनके पति खाण्डेराव राजकाज में रुचि नहीं लेते थे। अहिल्याबाई राजकाज में दक्ष थी। इनकी प्रेरणा से खांडेराव अस्त्र-शस्त्र चलाना सीख गए और राजकाज में रुचि लेने लगे; लेकिन एक युद्ध में उनकी मृत्यु हो गई। अहिल्याबाई ने प्रजा की देखभाल शुरू कर दी। श्वसुर की मृत्यु के बाद इनका पुत्र मालेराव गद्दी पर बैठा; परन्तु उसकी भी मृत्यु हो गई। अहिल्याबाई ने राज्य की बागडोर अपने हाथ में ले ली।

राज्य में चोरों व डाकुओं ने आतंक मचाना शुरू कर दिया। उनका सफाया करने वाले एक वीर युवक यशवंत राव के साथ अहिल्याबाई ने अपनी पुत्री मुक्ताबाई का विवाह कर दिया, लेकिन यशवंत राव की भी मृत्यु हो गई। फिर भी उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा।

अहिल्याबाई कुशल प्रशासिका थीं। इनकी उदारता और स्नेहपूर्ण व्यवहार के कारण प्रजा इन्हें ‘माँ साहब’ कहती थी। इन्होंने अनेक तीर्थ स्थानों पर मन्दिर, घाट और धर्मशालाएँ बनवाईं; गरीबों और अनाथों के लिए भोजन का प्रबन्ध किया। नाना फड़नवीस के अनुसार, अहिल्याबाई पुरुषार्थ, दूरदर्शिता और महानता में अद्वितीय थीं।

अभ्यास

प्रश्न 1.
अहिल्याबाई का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर :
अहिल्याबाई का जन्म सन 1725 ई० में (वर्तमान महाराष्ट्र के) औरंगाबाद जिले के चौड़ी ग्राम में हुआ था।

प्रश्न 2.
अहिल्याबाई में धार्मिक संस्कार कैसे पड़े?
उत्तर :
अहिल्याबाई की माता सुशीलाबाई अपनी बेटी को नित्य मन्दिर ले जाती, पूजा-अर्चना कराती और भागवत कथा तथा पुराण सुनाती थीं। इन्हीं क्रियाकलापों से अहिल्याबाई में धार्मिक संस्कार पड़े।

प्रश्न 3.
अहिल्याबाई को प्रजा ‘माँ साहब’ क्यों कहती थी? उत्तर- अहिल्याबाई की उदारता और स्नेहपूर्ण व्यवहार के कारण प्रजा उन्हें ‘माँ साहब’ कहती थी।

प्रश्न 4.
प्रजाहित के लिए अहिल्याबाई ने क्या-क्या कार्य किए?
उत्तर :
अहिल्याबाई ने प्रजाहित के लिए अनेक कार्य किए। उन्होंने तीर्थस्थानों पर मन्दिर, घाट और धर्मशालाएँ बनवाई। प्रजा की सुरक्षा के लिए चोरों एवं डाकुओं का दमन किया। वे स्वयं प्रजा से उनकी कुशलता पूछती थीं। उन्होंने गरीबों के लिए भोजन का प्रबन्ध किया।

प्रश्न 5.
अहिल्याबाई को किन-किन द:खद परिस्थितियों का सामना करना पड़ा?
उत्तर :
अहिल्याबाई को अपने जीवन काल में कई दुखद परिस्थितियों को सामना करना पड़ा। शादी के कुछ दिनों बाद उनके पति खांडेराव युद्ध में वीरगति को प्राप्त हो गए। इसके कुछ दिनों बाद उनके ससुर मल्हारराव की मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके पुत्र मालेराव होल्कर की मृत्यु हो गई। और फिर कुछ दिनों के बाद उनके दामाद यशवंत राव की भी मृत्यु हो गई।

प्रश्न 6.
सही (✓) अथवा गलत (✗) का निशान लगाइए (निशान लगाकर) –

(अ) अहिल्याबाई ने अपनी पुत्री का विवाह यशवन्त राव के साथ किया।
(ब) अहिल्याबाई ने महिलाओं की सेना तैयार की।
(स) अहिल्याबाई सदैव प्रजा के हित में तत्पर रहीं।
(द) अहिल्याबाई कुशल शासक ने थीं।

प्रश्न 7.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

(क) अहिल्याबाई की सेना की जोरदार तैयारी देखकर राघोवा के हौसले पस्त हो गए।
(ख) अहिल्याबाई ने पुत्र को समझाते हुए कहा – राजा प्रजा का पालक होता है। वह प्रजा के दुख तथा कठिनाइयों को दूर करता है।
(ग) मल्हारराव की मृत्यु के बाद मालेराव होल्कर गद्दी पर बैठा।
(घ) अहिल्याबाई ने अनेक तीर्थ स्थानों पर मंदिरों, घाटों और धर्मशालाओं का निर्माण करवाया।

प्रश्न 8.
नीचे लिखे प्रश्न के दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए –
अहिल्याबाई ने अपनी पुत्री का विवाह यशवन्त राव के साथ इसलिए किया –

(क) क्योंकि वह बहुत सुंदर था।
(ख) क्योंकि वह कुशल प्रशासक था।
(ग) क्योंकि वह राजकुमार था।
(घ) क्योंकि वह वीर था।

उत्तर :
(घ) क्योंकि वह वीर था।

योग्यता विस्तार –
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

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