Chapter 27 डॉ० भीमराव रामजी अम्बेडकर

पाठ को सारांश

भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 ई० में इन्दौर के महू नामक स्थान पर हुआ। इनके पिता राम जी फौज में सूबेदार थे। इनकी माता का नाम भीमाबाई सकपाल था। 1907 ई० में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् एलफिंस्टन कालेज से इन्होंने इण्टर पास की। 17 वर्ष की आयु में रमाबाई से इनका विवाह हो गया। बड़ौदा नरेश सयाजीराव ने इन्हें छात्रवृत्ति दी। 1912 ई० इन्होंने बी०ए० पास किया। न्यूयार्क विश्वविद्यालय से 1915 ई० में एम०ए० की डिग्री प्राप्त की। कोलम्बिया विश्वविद्यालय ने इन्हें डॉ० ऑफ फिलॉसफी की उपाधि दी। अर्थशास्त्र व राजनीति के अध्ययन के लिए ये लन्दन गए परन्तु सयाजीराव ने छात्रवृत्ति बन्द कर दी। ये विवश होकर स्वदेश लौटे।

31 जनवरी, 1920 ई० को इन्होंने ‘मूकनायक’ अखबार निकाला। इसका उद्देश्य जातिप्रथा की समाप्ति तथा अस्पृश्यता का निवारण करना था। 21 मार्च, 1920 ई० में इन्होंने कोल्हापुर दलित सम्मेलन की अध्यक्षता की। कोल्हापुर नरेश ने इन्हें दलितों का उद्धारक कहा। सन् 1920 ई० में इन्होंने पुनः लन्दन जाकर वकालत पास की। 27 मई, 1935 ई० को इनकी पत्नी रमाबाई का निधन हो गया। सन् 1936 ई० में इन्होंने ‘इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी’ राजनैतिक दल का गठन किया। 1937 ई० के प्रान्तीय चुनाव में ये भारी बहुमत से विजयी हुए। जुलाई 1941 ई० में इन्हें गणित रक्षा सलाहकार समिति का सदस्य चुना गया। सन् 1945 ई० में इन्होंने पीपुल्स एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की। मार्च 1952 ई० में इन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया और ये भारत सरकार के कानून मंत्री बने। 14 अक्टूबर, 1956 ई० को इन्होंने बौद्धधर्म ग्रहण कर लिया। 6 दिसम्बर 1956 ई० को इनका देहान्त हो गया। भारत सरकार ने मरणोपरान्त उन्हें भारत रत्न’ से सम्मानित किया।

डॉ० भीमराव अम्बेडकर ने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। सन् 1924 में उन्होंने बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की जिसका उद्देश्य छुआछूत दूर करना था। इन्होंने सरकार द्वारा दलितों की सेना में भर्ती पर रोक को लेकर 20 मार्च, 1927 ई० को महाड़ में दलित सम्मेलन बुलाया। दलितों के हित के लिए लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए इन्हें सन् 1929 ई० में मनोनीत किया गया। इन्होंने शिक्षा, मद्यनिषेध, कर व्यवस्था, महिला और बाल कल्याण विषयों पर कड़ा रुख अपनाया। इन्होंने प्रथम, द्वितीय व तृतीय गोलमेज सम्मेलन में दलितों का प्रतिनिधित्व किया। दलितों के उत्थान के लिए गांधी जी के साथ पूना पैक्ट किया। इनकी प्रमुख रचनाएँ- द बुद्ध एण्ड हिज गोस्पेल, थाट्स ऑन पाकिस्तान, रिवोल्यूशन्स एण्ड काउण्टर रिवोल्यूशन्स इन इण्डिया है।

अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान में कितने अनुच्छेद और अनुसूचियाँ हैं?
उत्तर :
भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ हैं।

प्रश्न 2.
डॉ० अम्बेडकर को पहली बार लंदन से वापस क्यों होना पड़ा?
उत्तर :
डॉ० अम्बेडकर को पहली बार लंदन से वापस इसलिए आना पड़ा क्योंकि सयाजीराव ने छात्रवृत्ति बन्द कर दी थी।

प्रश्न 3.
डॉ० अम्बेडकर ने स्थायी प्रगति के लिए क्या उपाय सुझाए हैं?
उत्तर :
हमें अपना आचरण सुधारना, बोल-चाल का तरीका बदलना और विचारों में दृढ़ता लानी होगी।

प्रश्न 4.
“मूक नायक’ अखबार का क्या उद्देश्य था?
उत्तर :
जातिप्रथा समाप्त करना और अस्पृश्यता का निवारण करना, मूक नायक अखबार का उद्देश्य था।

प्रश्न 5.
कोल्हापुर नरेश शाहूजी महाराज ने अम्बेडकर को दलितों के उद्धारक की संज्ञा क्यों दी?
उत्तर :
भीमराव ने दलित सम्मेलन की अध्यक्षता की और जातिप्रथा की समाप्ति और अस्पृश्यता निवारण के लिए मूकनायक अखबार निकाला।

प्रश्न 6.
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके)

  1. बालक पर ज्योतिबा के व्यक्तित्व का गहरा प्रभाव पड़ा।
  2. मूक नायक अखबार को उद्देश्य जातिप्रथा और अस्पृश्यता को समाप्त करना था।
  3. मार्च 1952 में भीमराव रामजी अम्बेडकर को राज्यसभा के लिए चुन लिया।
  4. डॉ० भीमराव रामजी अम्बेडकर को दलितों का मसीहा, विधिवेत्ता, समाजसेवी एवं कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में याद किया जाता है।

प्रश्न 7.
सही विकल्प चुनिए (सही विकल्प चुनकर)
(अ) 1927 में अम्बेडकर ने महाड़ में दलितों का सम्मेलन बुलाया, क्योंकि

  1. दलितों ने उनसे सम्मेलन बुलाने के लिए कहा था।
  2. ब्रिटिश सरकार ने दलितों को सेना में भर्ती पर रोक लगा दी। (✓)
  3. वे दलितों के नेता के रूप में जाने जाते थे।

(ब) ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ का उद्देश्य था

  1. अहिष्कृत लोगों को संगठित करना।
  2. छुआ-छूत दूर करना। (✓)
  3. बहिष्कृत लोगों को छात्रवृत्ति दिलाना।

प्रश्न 8.
नोट –
विद्यार्थी अपने शिक्षक से स्वयं चर्चा करें।

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