Chapter 28 बंकिमचंद्र चटर्जी (महान व्यक्तित्व)

पाठ का सारांश

बंकिमचंद्र चटर्जी का जन्म 26 जून, 1838 को पश्चिम बंगाल राज्य के चौबीस परगना जिले के कंथलपाड़ा में एक समृद्ध परिवार में हुआ था। बंकिमचंद्र एक मेधावी और परिश्रमी छात्र थे। उन्होंने 1858 में बी.ए. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और कलकत्ता विश्वविद्यालय से पास होने वाले प्रथम भारतीय स्नातक बने। शिक्षा समाप्ति के तुरंत बाद 1858 में ही सरकारी सेवा में डिप्टी मजिस्ट्रेट बन गए। कुछ समय बाद ये बंगाल सरकार के सचिव बन गए। बंकिमचंद्र ने आजीविका के लिए सरकारी नौकरी की, किंतु इनमें स्वदेश प्रेम, राष्ट्रीयता की भावना और स्वभाषा प्रेम कूट-कूट कर भरा था। बंकिमचंद्र चटर्जी बांग्ला भाषा के प्रतिष्ठित  कवि व उपन्यासकार थे। इन्होंने अनेक उपन्यासों की रचना की। रवीन्द्र नाथ टैगोर इनको अपना गुरु मानते थे। इन्होंने ‘वंदे मातरम्’ गीत की रचना की। इनका यह गीत संपूर्ण स्वतंत्रता को एक नई चेतना से भर दिया। इनका यह गीत भारतीयों के लिए आजादी को पर्याय बन गया। वर्तमान में वंदे मातरम!’ भारत का राष्ट्र गीत है। 8 अप्रैल, 1894 को इनका निधन हो गया।

अभ्यास-प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए

प्रश्न 1:
बंकिमचंद्र चटर्जी का जन्म कब  और कहाँ हुआ था?
उत्तर:
बंकिमचंद्र चटर्जी का जन्म 26 जून, 1838 को पश्चिम बंगाल राज्य के चौबीस परगना जिले के कंथलपाड़ा में हुआ था।

प्रश्न 2:
बंकिमचंद्र ने आजादी की लड़ाई में जन-जागरण हेतु किसे माध्यम बनाया?
उत्तर:
बंकिमचंद्र चटर्जी आजादी की लड़ाई में जन-जागरण हेतु अपने गीत ‘वंदे मातरम्’ को माध्यम बनाया।

प्रश्न 3:
‘वंदे मातरम्’ गीत सर्वप्रथम कब और कहाँ गाया गया था?
उत्तर:
‘वंदे मातरम्’ गीत सर्वप्रथम  1896 में कोलकाता के कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया था।

प्रश्न 4:
‘वंदे मातरम्’ गीत बंकिमचंद्र की किस रचना से लिया गया है?
उत्तर:
‘वंदे मारतम्’ गीत बंकिमचंद्र के प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ से लिया गया है।

प्रश्न 5.
बंकिमचंद्र ने अपने मित्र को पत्र बिना पढ़े क्यों वापस कर दिया?
उत्तर:
क्योंकि वह अंग्रेजी भाषा में लिखा गया  था।

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