Chapter 3 महादानम्

सुधा- दीपकः …………………………………………………………. मया ज्ञातम्।

हिन्दी अनुवाद – सुधा-दीपक! यहाँ क्या होता है?
दीपक – सुधा! यहाँ लोग रक्तदान और नेत्रदान करते है।

सुधा – दीपक, रक्तनिर्माण तो बहुत परिश्रम से होता है, फिर भी लोग कैसे रक्तदान करते हैं? क्या रक्तदान से शरीर में खून की कमी नहीं होती है?
दीपक – सुधा, खून की कमी का कारण तो अन्य होता है। अस्वस्थ लोग रक्तदान नहीं करते। जब कोई स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान करता है तब उसके शरीर में शीघ्र ही रक्त निर्माण होता है।

सुधा – एक अन्य शंका भी है जैसे जब रक्तदान में चिकित्सक लोग रक्तदान को उत्सुक लोगों में से केवल सामान्य रक्तवर्ग परीक्षण करके शीघ्र ही सूई-यन्त्र से रक्त निकालते हैं, तब क्या उसी तरह नेत्रदान में भी नेत्र निकालते हैं? 

दीपक – नहीं, नहीं, नेत्रदान में तो नेत्रदान के लिए उत्सुक लोगों को शिविर में पंजीकरण होता है। जब नेत्रदान के लिए उत्सुक लोगों का मरण होता है तो परिवार के लोग संस्थान में सूचना देते हैं। बहुत आदर और सम्मानपूर्वक नेत्रों का निस्सारण करते हैं।

सुधा – क्या मरने के बाद भी नेत्र जीवित रहते हैं?
दीपक – हाँ! कुछ काल तो जीवित रहते हैं। चिकित्सक लोग सूचना पाकर नेत्र निकालते हैं।

सुधा – आज मैं बहुत प्रसन्न हूँ। जीवन के संदर्भ में अध्यापक लोग बहुत उपदेश देते हैं किन्तु मृत्यु के बाद भी कई लोग अपने अंग से समाज का उपकार करने में सक्षम होते है, ऐसा मैंने अब जाना है।

अभ्यास

प्रश्न 1.
उच्चारण करेंनोट-विद्यार्थी स्वयं उच्चारण करें।

प्रश्न 2.
एक पद में उत्तर दें
उत्तर :
(क)
किम् अस्वस्थाः जनाः रक्तदानं कुर्वन्ति?
उत्तर :
न कुर्वन्ति।

(ख)
केन यन्त्रेण रक्तं निस्सारयन्ति?
उत्तर :
सूचिकायन्त्रेण।

(ग)
नेत्रदानशिविरे सर्वप्रथमं किं भवति?
उत्तर :
पञ्जीकरणं।

(घ)
किं मारणानन्तरम् अपि नेत्रं जीवति?
उत्तर :
आम्।

(ङ)
चिकित्सकाः सूचनाम् अवाप्य सद्य किं निस्सारयन्ति?
उत्तर :
नेत्रे।

प्रश्न 3.
पाठ से रिक्त स्थानों की पूर्ति करें (पूर्ति करके)
(क) रक्तनिर्माणं तु बहु परिश्रमेण भवति।
(ख) तस्य शरीरे क्षिप्रमेव रक्तनिर्माणं भवति।
(ग) संस्थाने नियुक्ताः चिकित्सकाः तत्र गच्छति।
(घ) जीवनसन्दर्भ तु अध्यापकाः बहु उपदिशन्ति।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में विभक्ति एवं वचन बताएँ ( बताकर )
उत्तर :

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में लकार, पुरुष एवं वचन स्पष्ट करें (स्पष्ट करके)
उत्तर :

प्रश्न 6.
संस्कृत में अनुवाद करें
(क) यहाँ लोग रक्तदान और नेत्रदान करते हैं।
अनुवाद : अत्र जनाः रक्तदानं नेत्रदानं च कुर्वन्ति।

(ख) रक्तनिर्माण बहुत परिश्रम से होता है।
अनुवाद : रक्तनिर्माणं बहुपरिश्रमेण भवति।

(ग) आज मैं बहुत प्रसन्न हूँ।
अनुवाद : अद्य अति प्रसन्ना अस्मि।।

(घ) रक्ताल्पता का कारण दूसरा होता है।
अनुवाद : रक्ताल्पतायाः कारणं अन्यत् भवति।

प्रश्न 7.
किसने किससे कहा अपनी पुस्तिका पर लिखिए
(क) कि मरणानन्तरम् अपि नेत्रं जीवति?
उत्तर : सुधा ने – दीपक से

(ख)
अद्य अहं अतिप्रसन्ना अस्मि।
उत्तर : सुधा ने – दीपक से

(ग)
कि रक्तदानेन शरीरे रक्ताल्पता न भवति?
उत्तर : सुधा ने – दीपक से

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