Chapter 35 हमारे वैज्ञानिक

पाठ का सारांश

सर सी०वी० रमन-चन्द्रशेखर वेंकट रमन का जन्म 7 नवम्बर, 1888 ई० को तमिलनाडु के तिरूचरापल्ली नगर में हुआ। इनके पिता चन्द्रशेखर कालेज में अध्यापक थे। रमन ने चेन्नई के प्रेसीडेंसी कालेज से एम०ए० की डिग्री ली। पढ़ाई पूरी करने पर इन्होंने लेखा विभाग की परीक्षा पास की और कोलकाता में डिप्टी एकाउंटेंट जनरल का पद प्राप्त किया। इस पद से त्यागपत्र देकर कोलकाता से भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक बने। कोलकाता विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में ये लन्दन में आयोजित सम्मेलन में गए। लौटते समय ये समुद्र के पानी को देखकर सोचने लगे कि यह नीला क्यों है।

सर सी०वी० रमन ने वैज्ञानिक शोध से पता लगाया कि प्रकाश यदि पारदर्शी माध्यम से गुजरेगा, तो उसकी प्रकृति में बदलाव आएगा। यही कारण है कि सूर्य की किरणों के प्रकाश को पानी परावर्तित कर देता है। इसीलिए समुद्र का पानी नीला दिखाई देता है। सूर्य के प्रकाश के इस प्रभाव को ‘रमन इफेक्ट’ के नाम से जाना जाता है। रमन की इस महत्त्वपूर्ण खोज के लिए सन् 1930 ई० में भौतिकी के क्षेत्र में इन्हें नोबल अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सन् 1943 ई० में रमन ने बंगलौर के निकट रमन इंस्टीट्यूट’ नामक संस्था स्थापित की। यें इस संस्था में 27 वर्ष तक कार्य करते रहे। 20 नवम्बर, 1970 में उनका निधन हो गया।

डॉ० होमी जहाँगीर भाभा-डॉ० होमी जहाँगीर भाभा का जन्म 30 अक्टूबर, 1909 ई० को मुम्बई के पारसी परिवार में हुआ। इन्होंने इण्टर मुम्बई से पास किया। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से 1930 में इन्होंने बी०एस-सी० पास की और 1934 में पी०एच-डी० की उपाधि प्राप्त की। सन् 1940 ई० में भारत आए। इन्होंने बंगलौर इण्डियन इस्टीट्यूट ऑफ साइंस संस्था में अन्तरिक्ष किरणों पर शोध किए। इन्होंने बताया कि बाहय अन्तरिक्ष से आने वाली किरणों के कण बहुत छोटे और तेज गति से चलते हैं। ये पृथ्वी के वायुमण्डल में हवा में मौजूद परमाणुओं से तेजी से टकराते हैं। इस टक्कर से परमाणुओं के इलेक्ट्रॉन अलग हो जाते है। अलग हुए इलेक्ट्रॉन में एक और कण मेसॉन होता है। इस प्रकार प्रत्येक वस्तु छोटे-छोटे परमाणुओं से निर्मित होती है।

परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन कण होते हैं। नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हैं। प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रान में ऊर्जा की मात्रा अधिक होती है। इस प्रकार भाभा ने दुनिया को अन्तरिक्ष की इन किरणों के रहस्य से अवगत कराया। । सन् 1948 ई० मे डॉ० भाभा परमाणु शक्ति आयोग के चेयरमैन बने। इनके कुशल निर्देशन में अप्सरा, सिरस और जरलीना नामक रिएक्टरों की स्थापना हुई। इनके निर्देशन में सन् 1936 ई० में ट्रॉम्बे परमाणु बिजलीघर स्थापित हुआ। 18 मई, 1978 के दिन राजस्थान के पोखरण स्थान पर शान्तिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु विस्फोट किया गया। नाभिकीय परिवार का भारत विश्व में छठा राष्ट्र बन गया। विज्ञान के क्षेत्र में डॉ० भाभा के योगदानों के लिए इन्हें 1942 में एडम्स पुरस्कार, 1948 ई० में हाकिंस पुरस्कार और 1954 ई० में पद्म भूषण की उपाधि दी गई। सन् 1966 ई० में भाभी की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

ए०पी०जे० अब्दुल कलाम-इनका पूरा नाम अब्दुल पाकिर जैनुलआबदीन अब्दुल कलाम है। इनको जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ। इन्होंने तमिलनाडु से ही बी०एस-सी० परीक्षा पास की। इसके बाद मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी चेन्नई से इन्होंने इंजीनियरिंग की परीक्षा उत्तीर्ण की। इन्होंने वैमानिकी इंजीनियरिंग में विशेष योग्यता प्राप्त की। वैज्ञानिक के रूप में सफर करते हुए ये सन् 2002 ई० में भारत के बारहवें राष्ट्रपति चुने गए।

अब्दुल कलाम ने कड़ी मेहनत और लगन से प्रथम उपग्रह प्रक्षेपक यान एसएलवी-3 का निर्माण किया। इन्होंने ‘पृथ्वी’ और ‘अग्नि’ मिसाइल बनाकर देश को मिसाइल शक्ति सम्पन्न बनाया। पृथ्वी मिसाइल का वजन 14 टन है। यह जमीन से जमीन पर 250 किलोमीटर दूरी तक शत्रु के ठिकाने नष्ट कर सकता है। अग्नि मिसाइल की ऊँचाई 21 मीटर और वजन 16 टन है। यह हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। यह 1200 से 2500 किलोमीटर दूरी तक शत्रु के जहाजों या मिसाइलों को नष्ट कर सकता है। इन मिसाइलों का उपयोग आक्रमण होने पर देश की रक्षा के लिए किया जाता है। वर्ष 1998 ई० के पोखरण परमाणु विस्फोट का श्रेय अब्दुल कलाम को ही है। इन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया है।

अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1.
सर सी०वी० रमन का जीवन परिचय लिखिए। सी०वी० रमन की प्रमुख उपलब्धियाँ कौन-कौन सी हैं?
नोट – विद्यार्थी इस प्रश्न के उत्तर हेतु इस पाठ का सारांश भाग पढ़ें।

प्रश्न 2.
डॉ० होमी जहाँगीर भाभी के जीवन और उपलब्धियों के विषय में लिखिए।
नोट – विद्यार्थी इस प्रश्न के उत्तर हेतु इस पाठ का सारांश भाग पढ़ें।

प्रश्न 3.
अब्दुल कलाम के जीवन परिचय का उल्लेख संक्षेप में कीजिए एवं विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान को विस्तार से लिखिए।
नोट – विद्यार्थी इस प्रश्न के उत्तर हेतु पाठ का सारांश भाग पढे।

प्रश्न 4.

निम्नलिखित के विषय में पता करके लिखिए
पीएच-डी०, पद्म भूषण, भारत रत्न, नोबेल पुरस्कार

उत्तर :
पी०एच-डी० – 
यह उपाधि ‘डॉ० ऑफ फिलॉसफी’ किसी शोध कार्य से सम्बन्धित लेख या ग्रन्थ लिखने पर विश्वविद्यालयों द्वारा अनुमोदित होने पर दी जाती है।
पद्म भूषण – यह पुरस्कार किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट और उल्लेखनीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इसमें सरकारी कर्मचारी द्वारा की गई सेवा भी शामिल है।
भारत रत्न – उच्चकोटि के विद्वान, अद्वितीय राष्ट्र सेवा, विश्व शान्ति के लिए किए गए प्रयास आदि के लिए भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान।
नोबेल पुरस्कार – यह अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार है। यह स्वीडन के महान वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में प्रतिवर्ष विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व खोजों या योगदानों के लिए दिया जाता है। ये क्षेत्र निम्न हैं

  • चिकित्सा शास्त्र
  • भौतिक विज्ञान
  • रसायन विज्ञान
  • साहित्य
  • शान्ति
  • अर्थशास्त्र।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित का उत्तर संक्षेप में लिखिए
(1).
मिसाइल क्या है?
उत्तर :
किसी उपकरण के माध्यम से फेंककर मारा जाने वाला अस्त्र मिसाइल कहा जाता है। भारत के पास ‘अग्नि’ और ‘पृथ्वी’ मिसाइल अपनी रक्षा के लिए है।

(2).
वैज्ञानिक परीक्षण क्यों किए जाते हैं?
उत्तर :
वैज्ञानिक परीक्षण किसी तथ्य को जानने और उसकी सत्यता प्रमाणित करने के लिए किए जाते हैं।

(3).
सूर्य के प्रकाश में कितने रंग होते हैं?
उत्तर :
सूर्य के प्रकाश में सात रंग होते हैं- बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी, लाल।

(4).
पानी का रंग नीला क्यों दिखाई पड़ता है?
उत्तर :
पानी का रंग नीला दिखाई देता है क्योंकि प्रकाश पारदर्शी माध्यम से गुजरेगा तो उसकी प्रकृति में बदलाव आ आएगा। सूर्य की किरणें पानी को परावर्तित कर देती हैं।

(5).
हवा से हवा में मार करना, जमीन से जमीन पर मार करने का क्या आशय है?
उत्तर :
हवा से हवा में मार करने से आशय है- हवाई युद्ध। जमीन से जमीन पर मार करने से आशय है- स्थल युद्ध जो जमीन (पृथ्वी या धरातल) पर लड़ा जाता है।

प्रश्न 6.
निम्न तालिका को पूरा कीजिए (पूरा करके)

प्रश्न 7. व 8.
नोट –
विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें।

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