Chapter 5 महाभारत काल के महर्षि (महान व्यक्तिव)

पाठ का सारांश

महर्षि वेदव्यास – ‘महाभारत’ के रचयिता महर्षि वेदव्यास बहुत विद्वान और तपस्वी थे। इनके पिता का नाम पराशर और माता का नाम सत्यवती था।

इनका प्रमुख ग्रंथ ‘महाभारत’ है, जिसमें अट्ठारह पर्व हैं। इसकी रचना इन्होंने लोककल्याण की भावना से की थी। महाभारत को लिखने का कार्य गणेश जी ने किया। इस ग्रंथ के माध्यम से मनुष्य को सदाचार, धर्माचरण, त्याग, तपस्या तथा भगवान की भक्ति का संदेश दिया गया है। महाभारत के वन पर्व में सुख-दुख का चक्र और शांति पर्व में भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को उपदेश दिया गया है, जिसमें पुरुषार्थ की महिमा, राजा के कर्तव्य, स्वार्थ-त्याग, परोपकार व जन-कल्याण करने का प्रतिपादन हुआ है। वेदव्यास जी ने पुराणों का संकलन किया। इनकी प्रमुख रचनाएँ महाभारत, अठारह पुराण और वेदांत दर्शन हैं।

महर्षि सुपंच सुदर्शन – महर्षि वेदव्यास के समकालीन, महर्षि सुपंच सुदर्शन का जन्म दलित परिवार में लगभग 3290 ईसा पूर्व वाराणसी में हुआ। बचपन से ही भजन, पूजन और भक्ति-भाव प्रदर्शित करने से इनके गुरु करुणामय ने इन्हें ज्ञान, नीति और अध्यात्म की विशेष दीक्षा दी।

इनके आराध्य देव श्रीकृष्ण थे। परोपकार, दीन-दलितों को शरण देना, साधु सेवा, भक्ति और सत्य की खोज करना इनके जीवन का परम उद्देश्य था। ईश्वर से डरना, परोपकार करना, धन, बल, बुधि व शरीर का गर्व न करना, भौतिक सुख के साथ आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति का भी यत्ल करना आदि इनके उपदेश थे, जो आज भी मान्य हैं।

अभ्यास

प्रश्न 1.
महर्षि व्यास का नाम वेदव्यास क्यों पड़ा?
उत्तर :
व्यास जी ने वेदों को नया स्वरूप दिया, इसलिए उनका नाम वेदव्यास पड़ा।

प्रश्न 2.
व्यास जी ने पुराणों में कौन-सी महत्त्वपूर्ण बातें बताई हैं ?
उत्तर :
व्यास जी ने पुराणों में दो महत्वपूर्ण बातें बताई हैं

  1. परोपकार से पुन्य की प्राप्ति होती है तथा
  2. दूसरों को पीड़ित करने से पाप की प्राप्ति होती है।

प्रश्न 3.
वेदव्यास ने किन ग्रंथों की रचना की?
उत्तर :
वेदव्यास ने महाभारत, अठारह पुराणों और वेदांत दर्शन की रचना की।

प्रश्न 4.
महाभारत की रचना किसने की और लिखा किसने?
उत्तर :
महाभारत की रचना व्यास जी ने की और लिखने का कार्य गणेश जी ने किया।

प्रश्न 5.
महर्षि व्यास ने महाभारत की रचना किस उद्देश्य से की थी?
उत्तर :
महर्षि व्यास जी ने महाभारत की रचना लोक कल्याण की भावना से की थी।

प्रश्न 6.
महर्षि सुपंच सुदर्शन ने लोगों को क्या शिक्षा दी?
उत्तर :
महर्षि सुपंच सुदर्शन ने लोगों को शिक्षा दी कि ईश्वर से डरो, मनुष्य से नहीं। धन, बल, बुद्धि, रूप, सौंदर्य का घमण्ड मत करो; परोपकार करो; स्वाभिमान की रक्षा करो; भौतिक सुख के साथ आध्यात्मिक सुख का प्रयास भी करो आदि।

प्रश्न 7.
सही (✓) अथवा गलत (×) का निशान लगाइए (निशान लगाकर) –

  • महर्षि वेदव्यास ने पुराणों का संकलन किया। (✓)
  • महर्षि वेदव्यास का प्रसिद्ध ग्रंथ गीता है। (×)
  • श्री कृष्ण के उपदेश पुराणों में वर्णित हैं। (×)
  • महर्षि सुपंच सुदर्शन भक्तिभाव व शांति की खोज में लग गए। (✓)

प्रश्न 8.
नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर चुनकर लिखिए –
गुरु करुणामय ने सुपंच सुदर्शन को ज्ञान और नीति की शिक्षा दी, क्योंकि –

(क) वे संत थे।
(ख) वे गुरु का आदर करते थे।
(ग) वे भजन पूजा में लगे रहते थे।
(घ) वे विद्वान थे।
उत्तर :
(ग) वे भजन-पूजन में लगे रहते थे।

योग्यता विस्तार –
नोट – विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें।

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