Chapter 5 स्फुटपद्यानि

शब्दार्था:-पिकः = कोयल, प्राप्ते = आने पर, भारः = बोझ, विवादाय = विवाद के लिए, मदाय = मद के लिए, परिपीडिनाय = दूसरों को सताने के लिए, खलस्य = दुष्ट का, साधोः = सज्जन का, विपरीतम् = उल्टा, प्रसाद-प्रदनम् = प्रसन्नता का आगार, सदयम् = दया से परिपूर्ण, सुधामुचः = अमृत बरसाने वाली, वन्द्या = वन्दनीय, योगेन = अभ्यास, मृजयो = धोने-माँजने से, वृत्तेन = सदाचार से।

काकः कृष्णः………………………… पिकः पिकः ॥1॥
हिन्दी अनुवाद-कौआ काला है और कोयल भी काली है। कोयल और कौए में क्या अन्तर है? वसन्त ऋतु के आने पर कौआ, कौआ है और कोयल, कोयल है।

विद्या ……………………………….. रक्षणाय ॥ 2॥
हिन्दी अनुवाद-दुष्ट की विद्या विवाद के लिए, दुष्ट का धन घमण्ड के लिए और दुष्ट की शक्ति दूसरों को पीड़ित करने के लिए होती है। इसके विपरीत सज्जन की विद्या ज्ञान के लिए, धन दान के लिए और शक्ति दूसरों की रक्षा के लिए होती है।

लोभात् …………………………. कारणम्। ॥3॥
हिन्दी अनुवाद-लोभ से क्रोध पैदा होता है और लोभ से काम (काम-भावना) पैदा होती है। लोभ से मोह और नाश होता है। लोभ पाप का कारण है।

वंदनं …………………………………’वन्द्याः ॥4॥
हिन्दी अनुवाद-जिनके मुख प्रसन्नता के घर है (अर्थात् जिनके मुख पर सदैव प्रसन्नता रहती है) हृदय दयावान हैं, वाणी अमृतमय है, काम परोपकार करना है, वे किनके वन्दनीय नहीं हैं (अर्थात् वे सबके वन्दनीय हैं)।

सत्येन ……………………………………. वृत्तेन रक्ष्यते॥5॥
हिन्दी अनुवाद-सत्य से धर्म रक्षित होता है, योग से विद्या रक्षित होती है। स्वच्छता से रूप रक्षित होता है, अच्छे चरित्र से ‘कुल’ रक्षित होता है।

अभ्यासः

प्रश्न 1.
उच्चारणं कुरुत पुस्तिकायां च लिखत
उत्तर
नोट-विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 2.
एकपदेन उत्तरत
(क) काकस्य कीदृशः वर्णः भवति?
उत्तर
कृष्णः

(ख) साधोः विद्या किमर्थ भवति?
उत्तर
ज्ञानाय

(ग) लोभः कस्य कारणम्?
उत्तर
पापस्य

प्रश्न 3.
पूर्णवाक्येन उत्तरत
(क) कस्मिन् समये काकपिकयोः भेदः स्पष्टः भवति?
उत्तर
वसन्त समये काकपिकयोः भेदः स्पष्टः भवति।

(ख) कुलं केन रक्ष्यते?
उत्तर
कुलं वृत्तेन रक्ष्यते।

(ग) लोभात् किं प्रभवति?
उत्तर
लोभात् क्रोधः प्रभवति।

प्रश्न 4.
श्लोकांशान् योजयत (करके)
उत्तर

प्रश्न 5.
उपयुक्तकथनानां समक्षम् ‘आम्’ इति अनुपयुक्तकथनानां समक्षम् ‘न’ इति लिखत (लिखकर)
उत्तर

प्रश्न 6.
संस्कृतभाषायाम् अनुवादं कुरुत (अनुवाद करके)
(क) लोभ मोह और नाश का कारण है।
उत्तर
अनुवाद-लोभः मोहस्य नाशस्य च कारणम् अस्ति।

(ख) कुल की रक्षा सदाचार से होती है।
उत्तर
अनुवाद-कुलं वृत्तेन रक्ष्यते।

(ग) साधु की शक्ति दूसरों की रक्षा के लिए होती है।
उत्तर
अनुवाद-साधोः शक्तिः परेषां रक्षणाय भवति।

(घ) महापुरुषों का हृदय कोमल होता है।
उत्तर
अनुवाद-महापुरुषाणां हृदयाः कोमलाः भवन्ति।

प्रश्न 7.
निम्नलिखितपदानां संस्कृतस्य लघुन्नाक्येषु प्रयोगं कुरुत।
उत्तर
(क)
धनम् – धनं दानाय भवति।
(ख) सत्यम् – सत्यं वद। 
(ग) लोभः – लोभः पापस्य कारणं भवति।
(घ) हृदयं – हृदयं सदयां भवेत्।

• नोट – विद्यार्थी स्मरणीयम् ‘किम कर्तव्यम्’ स्वयं करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *