Chapter 5 O Captain! My Captain !

About the Poet : Walt Whitman was born in May, 1819 at West Hills. No formal education was given to him. He knew only to read and write. He started his career as a printer’s apprentice. He was the founder of a weekly. His first poem ‘Leave of Grass’ made him prominent and well known. He was a visionary, a poet of all mankind. He died in 1892.

About the Poem: This poem is an elegy on the death of Lincoln, the first President of America. The poet was stunned and shocked by the assassination of Lincoln when the fearful event of civil war was over. The poet wishes that Lincoln should get up from eternal sleep to accept the greeting of his countrymen.

Central Idea
In this poem the poet Walt Whitman describes his grief over the death of President Abraham Lincoln. Lincoln fought the American civil war successfully. He eradicated slavery. But he was assassinated in a theatre by a terrorist. The people are very anxious to offer him the garlands of flowers as a sign of their love and respect for him. But he is lying dead. So the poet says, “Let the people rejoice. I will alone mourn the death of Captain.”

(इस कविता में कवि वाल्ट ह्विटमैन राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की मृत्यु पर अपना दुःख प्रकट करता है। ” लिंकन ने अमेरिका का गृह-युद्ध बहुत सफलतापूर्वक लड़ा। उसने दासता की जड़ को मूल से उखाड़ दिया, किन्तु एक आतंकवादी ने थिएटर में उसकी हत्या कर दी। लोग उसके लिए अपने प्यार और सम्मान के प्रतीक के रूप में उसे फूलों के हार भेंट करने के लिए उत्सुक हैं, किन्तु वह मरा पड़ा है। इसलिए कवि कहता है, “लोगों को आनन्द मनाने दो। मैं अकेला ही कप्तान की मृत्यु पर शोक मनाऊँगा।”)

EXPLANATIONS (With Meanings & Hindi Translation)

1. 0 Captain ! My Captain.! Our fearful trip is done,
The ship has weather’d every rack, the prize we sought is won,
The port is near, the bells I hear, the people all exulting,
While follow eyes the steady keel, the vessel grim and daring;

[ Word-meanings : trip = यात्रा journey; is done = पूरी हो गई has been completed; weather’d = सफलतापूर्वक पार कर चुका है has come through successfully; rack = परेशानी trouble; sought = तलाश में थे were in search of; prize = समान अधिकार equal rights for all; port = मंजिल destination; exulting = आनन्द मनाना rejoicing greatly; keel = जहाज ship; vessel = जहाज ship; grim = दुढ़ तथा कठोर firm and severe; daring = साहसी full of courage.]

भावार्थ- ऐ कप्तान! हमारी भयानक यात्रा पूरी हो गई है और हमारा जहाज प्रत्येक कठिनाई को सफलतापूर्वक पार कर चुका है अर्थात् हमें विजय मिल गई है। हमारे जो उद्देश्य थे वे भी हमें प्राप्त हो गए हैं। अर्थात् दासता का अन्त होकर हमें समान अधिकार की प्राप्ति हो गई है। अब हमारी मंजिल निकट है, गिरजाघर की घण्टियों की आवाज मैं सुन रहा हूँ, लोग खुशियाँ मना रहे हैं। शासन दृढ़ एवं साहस से भरपूर है और लोग शासन की ओर प्रशंसा से देख रहे हैं।

Reference : These lines have been selected from the poem O Captain ! My Captain !
composed by Walt Whitman.
[ N.B. : The above reference will be used for all the explanations of this poem. ]

Context: The poem is an elegy over the death of Lincoln. He fought the American Civil War successfully and eradicated slavery. But he was assassinated in a theatre by a terrorist. In this stanza the poet mourns at the death of Lincoln.

Explanation : In this stanza the poet describes the adventurous deeds of Lincoln and expresses his grief. He addresses Lincoln that their dangerous journey has completed, i.e. the slavery has been eradicated from the country and all the people are very happy. All have the rights of equality. Now there is no discrimination in the society. The poet further says that now we have a firm and strong nation and all the people hope for the best future by us.

(इस पद्यांश में कवि लिंकन के साहसिक कार्यों का वर्णन अपना दु:ख प्रकट करते हुए कर रहा है। वह लिंकन को सम्बोधित करते हुए कहता है कि उनकी खतरनाक यात्रा पूरी हो चुकी है अर्थात् उनके देश में दास-प्रथा समाप्त हो चुकी है। सभी प्रसन्न हैं। सभी को समानता का अधिकार प्राप्त हो गया है। अब समाज में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। कवि आगे कहता है कि अब हमारा राष्ट्र सुदृढ़ एवं मजबूत है और सभी लोग हमसे उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।)

Comments : The poet has glorified this stanza using ‘Apostrophe figure of speech.

2. But O heart ! heart ! heart !
O the bleeding drops of red !
Where on the deck my Captain lies,
Fallen cold and dead.

[Word-meanings : O heart ! = लिंकन की हत्या पर शोक प्रकट करने का भाव exclamation of grief over the death of Lincoln; deck = जहाज का सबसे ऊपरी तख्ता uppermost part of the ship; fallen cold and dead = मृतक lifeless and dead. ]

भावार्थ- इस पद्यांश में कवि अब्राहम लिंकन की हत्या का वर्णन करता है। लाल-लाल रक्त की बूंदों को देखकर कवि कहता है कि कप्तान जहाज के ऊपरी तख्ते पर पड़ा है और वह निर्जीव है, मरा पड़ा है अर्थात् अब्राहम लिंकन, जो अमेरिका की सरकार को चलाता था, अपनी कर्मभूमि पर मरा पड़ा है।

Context: This poem is an elegy on the death of Lincoln. He fought the American civil war sucessfully and eradicated slavery. But he was assassinated in a theatre by a terrorist.

Explanation : In this stanza the poet describes the assassination of Abraham and expresses his grief over his death. The poet loves him dearly so he addresses him by the word ‘heart’ three times. He sees the drops of red blood flowing from his body. Lincoln is lying on the uppermost part of the ship. He is lifeless and has gone to heavenly abode.

(इस पद्यांश में कवि अब्राहम लिंकन की हत्या के विषय में और उसकी मृत्यु पर उसके दु:ख के विषय में बताता है। कवि उससे बहुत प्यार करता है, इसलिए वह उसे ‘हृदय’ शब्द से तीन बार सम्बोधित करता है। उसके शरीर से बहते हुए खून की बूंदों को वह देखता है। लिंकन जहाज के ऊपरी भाग में पड़ा हुआ है। वह निर्जीव है और स्वर्ग लोक को चला गया है।)

Comments : The poet has glorified this stanza by the use of Apostrophe figure of speech.

3. 0 Captain ! My Captain ! rise up and hear the bells;
Rise up for you the flag is flung-for you the bugle trills
For you bouquets and ribbon’d wreaths-for you the shores crowding,
For you they call, the swaying mass, their eager faces turning;

[ Word-meanings : flung = फहराया गया unfurled; trills = बज रहा है sounding; bouquets = गुलदस्ता bunch of flowers; ribboned wreath = फूलों के हार flower garland; crowding = सम्मान दिखाने आये हुए लोगों से भरा हुआ overcrowded with persons who have come to honour you; swaying mass = इधर-उधर घूमती हुई लोगों की भीड़ the crowd of the people moving here and there. ]

भावार्थ- कवि कहता है कि ऐ कप्तान ! उठो और घण्टियों की आवाज सुनो। देखो, झण्डा फहरा दिया गया है और तुम्हारे सम्मान में बिगुल बजाया जा रहा है। लोग तुम्हारे सम्मान के लिए फूलों के गुलदस्ते तथा हार लाये हैं। समुद्र के किनारे पर बहुत-से लोगों की भीड़ खड़ी है। अपने नेता को देखने की बेचैनी में बहुत भारी भीड़ इधर-उधर दौड़ रही है। वे उत्सुकता से उसे देख रहे हैं और पुकार रहे हैं।

Context : Abraham Lincoln was the famous President of America. He was a noble man. He led his army to victory. So the people were eager to welcome him.

Explanation : The poet asks the President (Captain) to rise up from the sleep and see how eager the people are to welcome him. The bells are ringing for him and the flag of victory is flying high in the air. To make the victory the bugle is being rounded. Flowers and garlands are there to give him a cheering reception. The people have gathered in large number to greet him.

(कवि, राष्ट्रपति (कप्तान) से कहता है कि नींद से उठो और देखो कि लोग आपका स्वागत करने के लिए कितने उत्सुक हैं। आपके लिए घण्टियाँ बज रही हैं और विजयपताका हवा में ऊँची फहरा रही है। विजय के. प्रतीक के रूप में बिगुल बजाया जा रहा है। आपका जोर-शोर से स्वागत करने के लिए फूल और हार रखे हैं। आपका स्वागत करने के लिए लोग भारी संख्या में इकट्ठे हैं।)

4. Here, Captain ! dear Father !
This arm beneath your head !
It is some dream that on the deck
You’ve fallen cold and dead.

[ Word-meanings : beneath = नीचे under. ]

भावार्थ- कवि को यह विश्वास नहीं होता कि वास्तव में लिंकन मर गया है। वह कहता है कि ऐ प्यारे स्वामी ! मुझे यह विश्वास नहीं होता कि आप जहाज के इस ऊपरी तख्ते पर मृत पड़े हो। अत: मैं आपके सिर के नीचे अपना हाथ रखकर आपको सहारा दे रहा हूँ आप उठ जाओ।

Context: The poet has been asking the President (Captain), Abraham Lincoln to rise up from his sleep and receive the warm welcome from the masses who have gathered to greet him.

Explanation : When there is no response to the poet’s request from the President, the poet becomes suspicious. Addressing the President as dear father, he puts his own arm beneath his head. He supports him but he realises that the President is unbelievably dead. It seems that he is lying dead and cold.

(जब कवि की प्रार्थना का राष्ट्रपति से कोई उत्तर नहीं मिला तब कवि को सन्देह हो जाता है। राष्ट्रपति को ‘प्रिय पिता से सम्बोधित करते हुए वह स्वयं अपना हाथ उसके सिर के नीचे रखता है। वह उसे सहारा देता है, किन्तु वह अनुभव करता है कि राष्ट्रपति जी अविश्वसनीय रूप से अर्थात् उसे विश्वास नहीं हो रहा है, मर गये हैं। ऐसा लगता है कि वह मृत और ठण्डे पड़े हैं।)

5. My Captain does not answer, his lips are pale and still,
My father does not feel my arm, he has no pulse nor will;
The ship is anchor’d safe and sound, its voyage closed and done,
From fearful trip the victor ship comes in with object won;

[ Word-meanings: pulse = नाड़ी; will = इच्छा-शक्ति desire to act; anchor’d = लंगर डाले हुए है is resting at the end of voyage; object = उद्देश्य अर्थात् दासता का अन्त abolition of slavery.]

भावार्थ- कवि कहता है कि मेरा कप्तान उत्तर नहीं देता। उसके होंठ पीले और शान्त हो गए हैं। मेरा स्वामी मेरे हाथ के स्पर्श को भी अनुभव नहीं करता। उसकी न तो नब्ज ही है और न कोई शक्ति है। अर्थात् उसकी मृत्यु हो गई है। अतः कवि कल्पना करता है कि अब जहाज अपनी यात्रा सुरक्षित रूप से पूरी करने के बाद लंगर डाले पड़ा है। जहाज अपनी भयानक यात्रा पूरी करके वापस आ गया है और अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर ली है अर्थात् अब्राहम लिंकन जिस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए युद्ध लड़ रहा था वह लक्ष्य प्राप्त हो गया है और अब उसे अन्य कोई कार्य करने को शेष नहीं है; अत: वह अन्तिम नींद सो रहा है।

Context : When the President (Captain) Abraham Lincoln does not respond to the poet’s request he becomes suspicious about the President’s well-being.

Explanation : The poet becomes sad when he finds that his Captain, the President Abraham Lincoln, does not answer and his lips are pale and motionless. Then the poet finds that the captain does not feel his arm and his pulse is missing. Now the poet becomes certain that the captain is dead. However, the poet realises that the captain has brought the ship safe and sound to the shore from a journey full of perils. He has successfully thwarted away the danger before the country and secured victory for the people of his country.

(कवि उस समय दु:खी हो जाता है जब वह पाता है कि उसका कप्तान, राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन, उत्तर नहीं देता है और उसके होंठ पीले और गतिहीन हैं। फिर कवि पाता है कि कप्तान उसकी भुजा का अनुभव नहीं करता है और उसकी नब्ज भी गायब है। अब कवि को निश्चित हो जाता है कि कप्तान की मृत्यु हो गई है। फिर भी कवि अनुभव करता है कि कप्तान जहाज को किनारे पर पूर्ण सुरक्षित ले आया है। उसने सफलतापूर्वक देश के सामने आये हुए खतरे को भगा दिया है और अपने देश के लोगों के लिए विजय को प्राप्त किया है।)

6. Exult, O shores ! and ring, O bells !
But I, with mournful tread,
Walk the deck my Captain lies,
Fallen cold and dead.

[Word-meanings: exult = खूब आनन्द मनाओ be cheerful; mournful tread = दुःख भरे पग बढ़ाता हुआ walking with sorrow.]

भावार्थ- इस अन्तिम पद्यांश में कवि उन लोगों से कहता है जो किनारे पर भीड़ लगाये खड़े हैं कि खूब खुशियाँ मनाओ, गिरजाघर की घण्टियाँ बजाओ, किन्तु मैं अपने कप्तान की मृत्यु पर बहुत दु:खी हूँ; अत: मैं दु:ख भरे पगों से धीरे-धीरे जहाज के उस ऊपरी तख्ते पर जाऊँगा जहाँ मेरो कप्तान मरा पड़ा है।

Context: This elegy is on the death of President Lincoln. When the President did not answer any of the questions asked by the poet, he became sure that the President was dead.

Explanation : In this stanza the poet addresses the people standing on the bank. He advises them to be happy and gay and make merry. He allows them to ring the bells of the church with joy. But he will mourn the death of his President who is lying dead on the deck. Thus the poet is very much grieved on the death of Lincoln and that is why he has decided to do nothing but mourn.

(इस पद्यांश में कवि किनारे पर खड़े हुए लोगों को सम्बोधित करता है। वह उन्हें प्रसन्न होने तथा खुशियाँ मनाने की शिक्षा देता है। वह उन्हें आनन्द से गिरजाघर की घण्टियाँ बजाने की स्वीकृति देता है। किन्तु वह स्वयं राष्ट्रपति की मृत्यु पर शोक मनाएगा जो जहाज के अगले भाग में मृत पड़ा हुआ है। इस प्रकार कवि लिंकन की मृत्यु पर बहुत दु:खी है और यही कारण है कि उसने और कुछ नहीं केवल शोक मनाने का निश्चय कर लिया है।)

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