Chapter 6 भीष्म (महान व्यक्तित्व)

पाठ का सारांश

भीष्म के बचपन का नाम देवव्रत थी। ये हस्तिनापुर के राजा शान्तनु और गंग के पुत्र थे। इन्होंने वेदशास्त्र की शिक्षा वशिष्ठ से और युद्ध कौशल परशुराम से सीखा था। ये शस्त्र-शास्त्र दोनों में निपुण थे।
यमुना तट पर आखेट करते हुए इनके पिता शान्तनु ने निषादराज की सुन्दर कन्या सत्यवती को देखकर उससे विवाह करने की इच्छा व्यक्त की। निषादराज ने शर्त रखी कि सत्यवती का पुत्र राजा बनेगा, देवव्रत नहीं। शान्तनु ने शर्त नहीं मानी और वे बीमार रहने लगे। भीष्म ने निषादराज से सत्यवती का विवाह अपने पिता से करने का अनुरोध किया। इन्होंने आजीवन ब्रह्मचारी रहने की प्रतिज्ञा की। सत्यवती से विवाह होने के बाद उसके दो पुत्र चित्रांगद और विचित्रवीर्य हुए। चित्रांगद की मृत्यु जल्दी हो गई और विचित्रवीर्य गद्दी पर बैठे। उनके तीन पुत्र थे- धृतराष्ट्र, पांडु और विदुर। धृतराष्ट्र अन्धे  थे इस कारण पांडु को राजा बनाया गया, क्योंकि भीष्म राज्य स्वीकार नहीं कर सकते थे। ये अपनी प्रतिज्ञा पर अटल रहे।
महाभारत के युद्ध में भीष्म कौरवों की तरफ थे। इन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि मैं युद्ध में कृष्ण को शस्त्र उठाने पर विवश कर दूंगा। इनके घोर संग्राम करने पर कृष्ण ने क्रोधित हो, रथ का पहिया निकाल कर हमला करना चाहा। भीष्म की प्रतिज्ञा पूर्ण हुई।
महाभारत के युद्ध से भीष्म ने दस दिनों तक सेनापति का कार्य किया। अर्जुन ने शिखण्डी को आगे करके इन्हें बाणों मे छेद दिया। भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने तक प्राण न त्यागने की प्रतिज्ञा की।
भीष्म पितामह पराक्रमी राजनीतिज्ञ और धर्मज्ञ थे। इन्होंने युधिष्ठिर को ज्ञान, वैराग्य, भक्ति, धर्म और नीति का उपदेश दिया। ये उपदेश सदैव मानव जाति का पथ प्रशस्त करते रहेंगे।

अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1:
देवव्रत का नाम भीष्म क्यों पड़ा?
उत्तर:
देवव्रत ने आजीवन ब्रह्मचारी रहकर हस्तिनापुर की  रक्षा करने की प्रतिज्ञा की। इस प्रतिज्ञा के कारण इनका नाम भीष्म पड़ा।।

प्रश्न 2:
भीष्म के माता-पिता का क्या नाम था?
उत्तर:
भीष्म के माता-पिता का नाम गंगा और शान्तनु था।

प्रश्न 3:
निषादराज ने शान्तनु के समक्ष कौन-सी  शर्त रखी?
उत्तर:
निषादराज ने शान्तनु के समक्ष यह शर्त रखी कि सत्यवती का पुत्र राजा होगा, देवव्रत नहीं।

प्रश्न 4:
युद्धभूमि में भीष्म ने शस्त्र का त्याग कब और क्यों किया?
उत्तर:
युद्धभूमि में भीष्म ने शिखण्डी को देखकर शस्त्र  त्याग कर दिया, क्योंकि वह स्त्री-रूप था और वे स्त्री पर हथियार नहीं चला सकते थे।

प्रश्न 5:
सही (✓) अथवा गलत (✘) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर )
(अ) भीष्म महाराज भरत के पुत्र थे। (✘)
(ब) शान्तनु की मृत्यु के पश्चात् भीष्म हस्तिनापुर के राजा हुए। (✘)
(स) भीष्म अपनी प्रतिज्ञा से कभी हटते न थे। (✓)
(द) महाभारत के युद्ध में भीष्म पांडवों की ओर थे। (✘)

प्रश्न 6:
महाभारत के युद्ध में भीष्म ने घोर संग्राम किया, क्योंकि वे
(क) अर्जुन को मारना  चाहते थे।
(ख) वह अपना पराक्रम दिखाना चाहते थे।
(ग) कृष्ण को शस्त्र ग्रहण करवाकर उनकी प्रतिज्ञा भंग कराना चाहते थे।
(घ) वह पाण्डवों का विनाश करना चाहते थे।

प्रश्न 7:
भीष्म पितामह के चरित्र के प्रेरक प्रसंगों को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
भीष्म पितामह के चरित्र के प्रेरक प्रसंग
(1) भीष्म ने अपने पिता शान्तनु  की शादी कराने के लिए आजीवन ब्रह्मचारी रहने की प्रतिज्ञा की।
(2) भीष्म ने ऐसा संग्राम किया कि श्री कृष्ण को युद्ध में शस्त्र उठाने पड़े।
(3) भीष्म शिखण्डी के सम्मुख धनुष नहीं उठाते थे। अपनी मृत्यु का उपाय बताना भीष्म की महान उदारता में गिना जाता है।
(4) भीष्म ने सूर्य उत्तरायण होने पर शरीर त्यागने का संकल्प लिया और ऐसा ही हुआ।

प्रश्न 8:
पाठ की किस घटना ने आपको प्रभावित किया और क्यों?
उत्तर:
पाठ की एक घटना शान्तनु और सत्यवती के विवाह से सम्बन्धित है, जो देवव्रत के आजीवन ब्रहमचारी रहने की प्रतिज्ञा का कारण बनती है, हमें सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। इसका कारण यह है। कि भीष्म के इस प्रकार  के त्याग के समान अन्य उदाहरण नहीं मिलते हैं।

प्रश्न 9:
भीष्म के समान अपने वचन पर दृढ़ रहने वाले किसी महापुरुष के बारे में लिखिए।
उत्तर:
भीष्म के समान अपने वचनों पर दृढ़ रहने वाले महापुरुष सत्यवादी  हरिश्चन्द्र थे, जिन्होंने आखिरी हद तक सत्य नहीं छोड़ा और अपना नाम सत्यवादी चरितार्थ किया।

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