Chapter 7 विमानयानं रचयाम

शब्दार्थाः –

विमानयानम् = हवाई जहाज,
रचयाम = निर्माण करते हैं।
विपुले = विस्तृत।
विमले = स्वच्छ।
वायुविहारम = वायु विहार।
करवाम = करें।
उन्नतवृक्षम् = ऊँचे पेड़।
तुङ्गम् = ऊँचा।
क्रान्त्वाकाश = आकाश को पार करके।
याम = चलें ।
कृत्वा = करके।
हिमवन्तं = हिमालय को।
सोप निमु= सीढी ।
चन्दिरलोकम् = चन्द्रलोकम को।
प्रविष्ठाम = प्रवेश करें।
शुक्रश्चन्द्रः = शुक्र और चन्द्रमा ।
सूर्योगुरिति = सूर्य और गुरू।
सुन्दरताराचित्वा = सुन्दर तारों को चुनकर ।
मौक्तिकहारं = मोती का हार ।
अम्बुदमालाम् = मेघमाला को ।
अम्बरभूषाम् = आकाश की शोभा को ।
आदाय = लेकर के।
प्रतियाम = लौटें।
दुःखित = दुःख से।
गृहेषु = घरों में।
हर्षम् = खुशी ।
जनयाम = लायें।

राघव !………………………….करवाम।।1।। 
हिन्दी अनुवाद – हे राघव, माधव हे सीता, ललिता, हवाई जहाज बनायें। विस्तृत, स्वच्छ नील गगन में वायु विहार करें।

उन्नतवृक्षं ……………………….प्रविशाम ।।2।।
हिन्दी अनुवाद – ऊँचे वृक्षों ऊँचे भवनों, आकाश को पार करके चलें । हिमालय को सीढ़ी बनाकर चन्द्रलोक में प्रवेश करें।

शुक्रश्चन्द्रः ………………..रचयाम।।3।।
हिन्दी अनुवाद – शुक्र और चन्द्र सूर्य और गुरु सारे ग्रहों की गणना करें। अनेक प्रकार के सुन्दर तारों को चुनकर मोतियों का हार बनायें ।

अम्बुदमालाम्……………..जन्याम् ।।4।।
हिन्दी अनुवाद – मेघमाला को, आकाश की शोभा को लेकर ही लौटें। दुःख से पीड़ित किसानों के गृहों में खुशी लायें।

गच्छन् ………गच्छति ।।5।।

अभ्यासः

प्रश्न 1.
उच्चारणं कुरुत पुस्तिकायां च लिखत

नोट – विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

प्रश्न 2.
एक पदेन उत्तरत

यथा – वयं किं रचयाम?
उत्तर – विमानयानम्
(क) कीदृशे गगने वायुविहारं करवाम?
उत्तर – विलमे
(ख) वयं विमानेन कुत्र प्रविशाभ?
उत्तर – चन्दिरलोक
(ग) वयं कीदृशं भवनं क्रान्त्वा आकाशं याम?
उत्तर – तुङ्ग

प्रश्न 3.
पाठातू उचितपदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत

(क) नीले गगने विपुले मिले
उत्तर – वायु विहारं करवाम् ।।
(ख) अम्बुदमालाम् अम्बरभूषाम् ।
उत्तर – आदायैव हि प्रतियाम्

प्रश्न 4.
भिन्नवर्गस्य पंद चिनुत –

यथा- शुक्रः, वृक्ष, चन्द्रः, गुरुः।।
भिन्नवर्गः – वृक्षः
(क) छात्रः, शिक्षक, भिक्षुकः, प्रायार्यः।
भिन्नवर्गः – भिक्षुकः
(ख) शुकः, कपोतः, वानरः, काकः।।
भिन्नवर्गः – वानरः
(ग) पत्रम्, पुष्पम्, मित्रम्, फलम् ।।
भिन्नवर्गः – मित्रम्
(घ) सिंहः, मयूरः, मण्डूकः गजः।।
भिन्नवर्गः – मयूरः

प्रश्न 5.
पर्यायपदानि योजयत । यथा – विमले

प्रश्न 6.
पाठात् तुकान्त पदानि चिनुत ।

यथा –
विमले               विमले
भवनं                 सोपानं
गणयाम            एचयाम
प्रतियाम            जनयाम

नोट – ‘शिक्षणसङ्केतः’ और ‘एतदपि जानीत’ विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *