Chapter 9 सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सड़क सुरक्षा यातायात के नियम पर एक निबन्ध लिखिए।
उत्तर-
‘यातायात’ दो शब्दों से मिलकर बना है- यात + आयात, जिसका अर्थ है, आना-जाना। आजकल सड़क सुरक्षा एक गम्भीर समस्या बन गयी है। प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में लाखों व्यक्ति मारे जाते हैं। अतः इस पर नियन्त्रण पाना एक चुनौती है।
आइये हम जानें कि ये सड़क दुर्घटनाएँ क्यों होती हैं –

  1. वाहन चलाते समय यातायात के नियमों का पूर्ण ज्ञान न होना।
  2. बहुत तेज गति से वाहन चलाना।
  3. नशे की हालत में गाड़ी चलाना।
  4. चालक का ध्यान भटकाने वाली चीजें तथा लालबत्ती का उल्लंघन करना।
  5. सीट बेल्ट और हेलमेट जैसे सुरक्षा साधनों की उपेक्षा ।
  6. लेन ड्राइविंग का पालन न करना। 
  7. गलत तरीके से ओवर टेकिंग करना।

भारत में वर्ष 2011 की अवधि में लगभग 4.9 लाख सड़क दुर्घटनायें हुई, जिसमें 1,42,485 लोगों की मृत्यु हुई। इन भयावह दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात के नियमों का पालन करना अति आवश्यक है ताकि इस समस्या से मुक्ति मिल सके। सड़क दुर्घटनाओं के बचाव हेतु निम्न उपाय किये जा सकते हैं –

  1. सड़क यातायात के नियमों का पालन विवेकपूर्ण होना चाहिए।
  2. पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को हमेशा बायीं तरफ चलना चाहिए।
  3. सड़क पार करते समय दायें-बायें अवश्य देखना चाहिए।
  4. व्यस्त सड़कों पर सदैव जेब्रा-क्रासिंग का प्रयोग करना चाहिए।
  5. शार्ट कट या आसान विकल्प खोजना खतरनाक हो सकता है।
  6. नशे की हालत में वाहन कभी न चलायें।
  7. वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट-बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें।
  8. कभी ओवरटेक करने का प्रयास न करें।
  9. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
  10. लाल, पीली एवं हरी बत्ती संकेत का पालन अवश्य करें।

अन्तत: यातायात के नियमों के बहुआयामी उद्देश्यों को ध्यान में रखकर प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वह परिवहन विभग द्वारा बनाए गये यातायात से सम्बन्धित समस्त सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक संकेतकों एवं नियमों का पालन कर देश की समृद्धि एवं विकास में अहम् योगदान देने का प्रयास करें, जिससे हमारा देश, समाज एवं परिवार सुरक्षित रहकर विकास की पराकाष्ठा को प्राप्त करने में सफल रहे।

प्रश्न 2.
यातायात के नियमों को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर- 
सड़क यातायात के नियम विवेकपूर्ण होते हैं और उनका विवेकपूर्ण पालन करना भी आवश्यक होता है। सड़क पर चलने वालों की सुरक्षा के लिए अनेक कानून एवं नियम बनाये गये हैं जिसका पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व होता है। जिससे हर कोई घर सुरक्षित पहुँच सके।
           पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को हमेशा अपनी लेन में अर्थात् बायीं तरफ रहना चाहिए एवं सड़क पार करते समय दायें-बायें देखने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए। व्यस्त सड़कों पर हमेशा जेब्रा क्रासिंग का प्रयोग करना चाहिए तथा क्रास करते समय कभी यह न सोचना चाहिए कि वाहन चालक उसे देख रहा है। सड़क की संरचनात्मक ढाँचागत सुविधाओं का पूरा उपयोग हो इसलिए सब-वे (तल मार्ग), फुट ओवर ब्रिज सबका पालन नियमगत करना आवश्यक होता है। शार्टकट या आसान विकल्प खोजना खतरनाक हो सकता है।
            पैदल यात्रियों को सड़क पार करते समय मोटर-वाहनों एवं अपने बीच पर्याप्त दूरी रखना चाहिए और पार्क की गई या खड़ी गाड़ियों के बीच से रास्ता नहीं बनाना चाहिए। सड़क के खतरों से अधिकांशत: बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं, जिसमें हमेशा चालक की गलती नहीं होती है, क्योंकि बच्चों की लापरवाही और जागरूकता की कमी से भी सड़क दुर्घटना की सम्भावना बढ़ जाती है। बच्चे हमेशा बड़ों का अनुसरण करते हैं। इसलिए उनके सामने विवशता में भी सड़क के नियम का उल्लंघन नहीं करना चाहिए और उन्हें ‘रुकें, देखें, सुनें, सोचें’ का मूल मंत्र बताना व पालन कराना अति आवश्यक होता है।

प्रश्न 3.
सड़क दुर्घटना से हम अपना बचाव कैसे कर सकते हैं? ”
उत्तर-
सड़क दुर्घटनना से हम अपना बचाव निम्न रूप में कर सकते हैं

  1. पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को सदैव बायीं तरफ चलना चाहिए।
  2. सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
  3. दो पहिया वाहन वाले हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें।
  4. चार पहिया वाहनवाले सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें।
  5. नशे की हालत में वाहन न चलायें।
  6. ओवर टेकिंग न करें। धैर्य बनाये रखें।
  7. सड़क चित्रों का अनुपालन करें।

प्रश्न 4.
यातायात के नियमों का पालन करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर-
हादसों से बचने के लिए यातायात के नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। इसके ज्ञान के अभाव में एवं सुचारु रूप से पालन न करने के कारण भारत में प्रत्येक वर्ष 1,40,000 से अधिक व्यक्ति सड़क-दुर्घटना में मारे जाते हैं। ऐसी विकट परिस्थितियों का अनुमान लगाया जा सकता  है कि विश्व भर के कुल वाहनों में से केवल एक प्रतिशत ही वाहन भारत में हैं, जबकि विश्व की कुल सड़क-दुर्घटना में से 10 प्रतिशत हादसे भारत में होते हैं। विडम्बना यह है कि कोई नियम तब तक अपने लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर सकता जब तक पालनकर्ता उसे आत्मसात् करने की कोशिश न करे।

प्रश्न 5.
यातायात के पालन हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सड़क सुरक्षा में सुधार करने के लिए कौन से कदम उठाये हैं?

उत्तर- यातायात के नियम पालनार्थ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सड़क-सुरक्षा में सुधार करने के लिए अनेक कदम उठाये हैं जैसे-सड़क फर्नीचर, सड़क चिह्न (रोड मार्किंग), उन्नत परिवहन प्रणाली का प्रयोग करते हुए राजमार्ग यातायात प्रबन्धन प्रणाली आरम्भ करना, निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदारों में अनुशासन को बनाए रखना, चुनिन्दा क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा ऑडिट इत्यादि । असंगठित क्षेत्रों में भारी मोटर वाहनों के लिए पुनश्चर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना, राज्यों में ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूलों की स्थापना, दृश्य-श्रव्य तथा प्रिन्ट माध्यमों के द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता पर प्रचार अभियान, सड़क सुरक्षा के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वैच्छिक संगठनों/व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों का संचालन, वाहनों में सुरक्षा-मानकों को और अधिक सख्त बनाना जैसे-‘सीट-बेल्ट’, ‘पावर-स्टेयरिंग’, ‘रियर-व्यू-मिरर’ इत्यादि। राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्घटना सहायता सेवायोजना के अन्तर्गत विभिन्न राज्य सरकारों और सरकारी संगठनों को क्रेन तथा एम्बुलेन्स उपलब्ध कराना । राष्ट्रीय राजमार्गों को 2-लेन से 4-लेन को 4-लेन से 6-लेन का करने का प्रावधान तथा युवा वर्ग में जागरूकता (सड़क-सुरक्षा) का प्रचार करने की प्रक्रिया को भी शामिल करना है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सड़क सुरक्षा से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-
सड़क सुरक्षा से तात्पर्य है-सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव । क्योंकि विश्व में सड़क यातायात में मौतें और जख्मी होना एक साधारण घटना हो गयी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिकं सड़क हादसों के शिकार व्यक्तियों की मौत हो जाती है। इनमें से अधिकांश दुर्घटनायें अज्ञानतावश हो जाती हैं। यदि हम इसकी जानकारी करके यातायात के नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

प्रश्न 2.
सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
उत्तर-
सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए हमें यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। ये यातायात के नियम निम्नलिखित हैं –

  1. पैदल यात्रियों, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को हमेशा अपनी लेन में अर्थात् बायीं तरफ रहना चाहिए।
  2. सड़क पार करते समय दायें-बायें देखने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।
  3. व्यस्त सड़कों पर हमेशा जेब्रा-क्रासिंग का प्रयोग करना चाहिए।
  4. पैदल यात्रियों को सड़क पार करते समय मोटर वाहनों एवं अपने बीच पर्याप्त दूरी रखनी चाहिए।
  5. दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

प्रश्न 3.
यातायात के किन्हीं पाँच नियमों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- 
यातायात के पाँच नियम निम्नलिखित हैं –

  1. बहुत तेज गति से वाहन न चलायें।
  2. नशे की हालत में वाहन न चलायें।
  3. सीट बेल्ट एवं हेलमेट जैसे सुरक्षा साधनों का प्रयोग करें।
  4. गलत तरीके से ओवर टेकिंग न करना।
  5. पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को सदैव बायीं ओर चलना चाहिए।

प्रश्न 4.
यातायात नियमों के पालन करने में कौन-से गतिरोध उत्पन्न होते हैं?
उत्तर- 
यातायात के नियमों का पालन करने में कभी-कभी गतिरोध उत्पन्न हो जाते हैं, क्योंकि अधिकांश लोग नियमों की अनदेखी करके अतिशीघ्रता करने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बन जाती है एवं यातायात बाधित होने लगता है। ऐसी परिस्थिति में कभी-कभी विकल्प के अभाव में जनता यातायात के नियमों को तोड़ने के लिए विवश हो जाती है।

प्रश्न 5.
पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को सड़क पर चलते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर-
पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को हमेशा अपनी लेन में अर्थात् बायीं तरफ चलना चाहिए। सड़क पार करते समय दायें–बायें देखने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए। व्यस्त सड़कों पर हमेशा जेब्रा क्रासिंग का प्रयोग करना चाहिए एवं क्रास करते समय कभी यह न सोचना चाहिए कि वाहन चालक उसे देख रहा है। सड़क की संरचनात्मक ढाँचागत सुविधाओं का पूरा उपयोग हो, इसलिए नियम का पालन आवश्यक है। शार्ट-कट या आसान विकल्प खोजना खतरनाक हो सकता है।

प्रश्न 6.
सड़क दुर्घटनायें क्यों होती हैं?
उत्तर-
भारत में वर्ष 2011 की अवधि में लगभग 4.9 लाख सड़क दुर्घटनायें हुई हैं, जिसमें 1,42,485 लोगों की मृत्यु हुई। वाहन चलाते समय कुछ मानवीय भूलें होती हैं जिससे दुर्घटना हो जाती है, इसलिए ऐसे तथ्यों पर गहन विवेचना की आवश्यकता होती है। बहुत तेज गति से वाहन चलाना, नशे में गाड़ी चलाना, चालक का ध्यान भटकाने वाली चीजें, लाल बत्ती का उल्लंघन करना, सीट-बेल्ट और हेलमेट जैसे सुरक्षा साधनों की उपेक्षा, लेन ड्राइविंग का पालन न करना और गलत तरीके से ओवर टेकिंग करना आदि कारणों से सड़क-दुर्घटना की सम्भावना बढ़ जाती है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यातायात किन शब्दों से मिलकर बना है?
उत्तर-
यातायात दो शब्दों से मिलकर बना है-यात + आयात ।

प्रश्न 2.
यातायात का क्या अर्थ है?
उत्तर-
यातायात का अर्थ है-आना और जाना।

प्रश्न 3.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रतिवर्ष सड़क हादसे में कितने व्यक्तियों की मौत हो जाती है?
उत्तर-
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रतिवर्ष सड़क हादसे में 10 लाख से अधिक व्यक्तियों की मौत हो जाती है।

प्रश्न 4.
भारत में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कितने व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है?
उत्तर-
भारत में प्रतिवर्ष सड़क हादसे में 1,40,000 व्यक्ति मारे जाते हैं।

प्रश्न 5.
सड़क यातायात के नियम कैसे होते हैं?

उत्तर- सड़क यातायात के नियम विवेकपूर्ण होते हैं।

प्रश्न 6. विश्व की कुल सड़क दुर्घटना में से कितने प्रतिशत हादसे भारत में होते हैं?
उत्तर- 
विश्व की कुल सड़क दुर्घटना में से 10 प्रतिशत हादसे भारत में होते हैं।

प्रश्न 7. विश्वभर के कुल वाहनों में से कितने प्रतिशत वाहन भारत में हैं?
उत्तर-
विश्वभर के कुल वाहनों में से केवल एक प्रतिशत ही वाहन भारत में हैं।

प्रश्न 8. यातायात के प्रमुख नियमों को कितने भागों में विभक्त किया जा सकता है?
उत्तर- यातायात के प्रमुख नियमों को सीखने की सुगमता के अनुसार दो भागों में विभक्त कर सकते हैं –

  1. सुरक्षा से सम्बन्धित यातायात के नियम एवं सावधानियाँ।
  2. वाहन चलाने के नियम एवं सावधानियाँ।

प्रश्न 9. पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को किस लेन में चलना चाहिए?
उत्तर-
पैदल, साइकिल एवं रिक्शा चालकों को बायीं तरफ चलना चाहिए।

प्रश्न 10. सड़क पर चलने के लिए यातायात का मूल मंत्र क्या है?
उत्तर-
सड़क पर चलने के लिए यातायात का मूल मंत्र है-रुकें, देखें, सुनें एवं सोचें ।

प्रश्न 11. वर्ष 2011 की अवधि में लगभग कितनी सड़क दुर्घटनायें हुईं?
उत्तर-
भारत में वर्ष 2011 की अवधि में लगभग 4.9 लाख सड़क दुर्घटनायें हुईं।

प्रश्न 12. भारत में वर्ष 2011 में सड़क दुर्घटना में कितने लोगों की मृत्यु हुई?
उत्तर-
भारत में वर्ष 2011 में सड़क दुर्घटना में 1,42,485 लोगों की मृत्यु हुई।

प्रश्न 13. सड़क दुर्घटना होने के दो कारण लिखिए।
उत्तर-
सड़क दुर्घटना होने के दो कारण निम्नलिखित हैं –

  1. बहुत तेज गति से वाहन चलाना।
  2. गलत तरीके से ओवर टेकिंग करना।

प्रश्न 14. लाल बत्ती का संकेत क्या है?
उत्तर-
लाल बत्ती का संकेत है-वाहन का रुकना।

प्रश्न 15. पीली बत्ती का संकेत क्या है?
उत्तर-
पीली बत्ती का संकेत है चलने के लिए तैयार होना।

प्रश्न 16. हरी बत्ती का संकेत क्या है?
उत्तर- हरी बत्ती का संकेत है- आगे बढ़ना।

प्रश्न 17. यातायात को सुगम बनाने हेतु कितने प्रकार के चित्र संकेत होते हैं?
उत्तर-
यातायात को सुगम बनाने हेतु तीन प्रकार के चित्र संकेत होते हैं।

प्रश्न 18. यातायात के संकेत किसके द्वारा जारी किये जाते हैं?
उत्तर- यातायात के संकेत भारतीय रोड कांग्रेस द्वारा जारी किये जाते हैं।

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